किसानों ने दिखाई ताकत, देश के 10 राज्यों में रहा व्यापक असर ,चक्का जाम रहा पूरी तरह शांतिपूर्ण

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हरियाणा, पंजाब,जम्मू-कश्मीर और राजस्थान ही नहीं तेलंगाना, केरल, कर्नाटक, से लेकर बंगाल तक किसानों के चक्काजाम का ऐलान का असर दिखा व्यापक रूप से दिखाई दिया . राजमार्ग पर किसानों का हुजूम उमड़ा. यूपी, उत्तराखंड और दिल्ली में चक्काजाम नहीं करने का निर्णय़ था.

नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार द्वारा बनाये गए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के चक्काजाम का असर देश भर में देखने को मिला. हरियाणा, राजस्थान ,पंजाब ही नहीं तमिलनाडु, कर्नाटक और तेलंगाना में भी किसानों और उनका समर्थन कर रहे संगठनों ने राजमार्ग जाम कर दिया और बता दिया कि किसान आंदोलन सिर्फ एक-दो राज्यों तक सीमित नहीं है. किसानों का यह विरोध प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा.आज का किसान शक्ति प्रदर्शन संसद में कृषि मंत्री के उस बयान को ग़लत साबित करता है जिसमे वो कह रहे थे की पंजाब के लोगों को इस बिल से ज़्यादा परेशानी है .

दिल्ली , यूपी और उत्तराखंड में किसानों ने चक्काजाम न करने का ऐलान किया था,किन्तु दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे 50 से ज्यादा लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. चक्काजाम के आह्वान को लेकर राजधानी दिल्ली, यूपी समेत तमाम राज्यों में अभूतपूर्व सुरक्षा बंदोबस्त किये गए थे . दिल्ली-NCR में 50,000 के करीब जवानों की तैनाती की गई और लाल किले को छावनी में तब्दील कर दिया गया था.

Priyanka showing Barigatting for our kisan Protestors

किसानों ने हरियाणा के अतोहन चौक के पास पलवल-आगरा हाईवे को ब्लॉक कर दिया. हरियाणा के फ़तेहाबाद में किसानों ने वाहनों के हॉर्न बजाकर चक्का जाम का कार्यक्रम समाप्त किया.पंजाब के अमृतसर में दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे समेत कई इलाकों में राजमार्ग पूरी तरह जाम रहे.

ग़ज़िआबाद के नज़दीक दिल्ली-यूपी के गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस के अलावा रैपिड एक्शन फोर्स की टीमें किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए मुस्तैद रहीं. दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में 50 हजार से पुलिसकर्मियों, अर्धसैनिक बल और रिजर्व फोर्स की तैनाती रही.तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में हाईवे पर किसानों ने चक्काजाम कर धरना दिया. वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ता भी इसमें शामिल हुए.

बेंगलुरु के येलाहांका इलाके में किसानों ने दो घंटे से ज्यादा वक्त तक हाईवे पर वाहनों का आवागमन नहीं होने दिया. पुलिस ने किसान नेता के शांताकुमार समेत तमाम लोगों को हिरासत में लिया. मैसुरु, कोलार, कोप्पल, बागलकोट, तुमकुर, देवानगिरि, मंगलुरु में भी ऐसे प्रदर्शन देखने को मिले..

ईस्टर्न पेरिफ़ेरेल एक्सप्रेसवे को ट्रैक्टर-ट्रक लगाकर किया बंद

आज चक्का जाम के दौरान किसानों ने सोनीपत में अपने ट्रैक्टर और बड़े ट्रक लगाकर ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफ़ेरेल एक्सप्रेसवे बंद किया. किसान एंबुलेंस और अन्य आपात सेवा के वाहनों को जाने दे रहे थे. किसानों ने सोनीपत में कुंडली बॉर्डर के पास केजीपी-केएमपी पर भी जाम लगाया.

टिकैत की सरकार को दो टूक अक्टूबर तक का समय है सर्कार के पास :

भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि आज चक्का जाम हर जगह शांतिपूर्ण ढंग से किया जा रहा है. अगर कोई भी अप्रिय घटना होती है तो दंड दिया जाएगा. हमने सरकार को कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए दो अक्टूबर तक की मोहलत दी है.

दिल्ली में SFI के कार्यकर्त्ता हिरासत में


दिल्ली के ITO से लाल किला की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित शहीदी पार्क के सामने दोपहर एक बजकर 27 मिनट पर JNU से जुड़े SFI के करीब 8-10 लोग अचानक पोस्टर, बैनर लेकर नारेबाजी करने लगे. पुलिस ने नारेबाजी कर रहे उन प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और पूछताछ की गयी. उसको बाद उनको छोड़ा की नहीं इसका समाचार नहीं मिला है

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