
लोकसभा में केन्द्रीय विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक बिना किसी चर्चा के पास हो गया। यह विधेयक केन्द्रशासित प्रदेश में सुगम और गुणवत्तायुक्त शिक्षा और अनुसंधान उपलब्ध कराने के लिए लद्दाख में एक केन्द्रीय विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए लाया गया था।
इस समय लद्दाख में कोई केन्द्रीय विश्वविद्यालय नहीं है और नये विश्वविद्यालय का नाम सिंधु केन्द्रीय विश्वविद्यालय रखा जाएगा।
शिक्षामंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने विधेयक पर चर्चा करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के लिए यह ऐतिहासिक निर्णय है। उन्होंने कहा कि सरकार ने यूनिवर्सिटी के विकास के लिए 750 करोड़ रूपये आवंटित किये हैं। इससे ढाई हजार विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद केन्द्र ने नया विश्वविद्यालय बनाने की घोषणा की थी।
लोकसभा ने आज ध्वनिमत से हंगामे के बीच कराधान कानून (संशोधन) विधेयक, 2021 पारित कर दिया। विधेयक में प्रावधान है कि यदि लेनदेन 28 मई, 2012 से पहले किया गया तो भारतीय संपत्ति के किसी भी अप्रत्यक्ष हस्तांतरण के लिए पूर्वव्यापी संशोधन के आधार पर भविष्य में कोई कर मांग नहीं की जाएगी।
विधेयक में ऐसे मामलों में भुगतान की गई राशि को बिना किसी ब्याज के वापस करने का भी प्रावधान है। यह विधेयक 1961 के आयकर अधिनियम और 2012 के वित्त अधिनियम का स्थान लेगा।
विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इसे उच्चतम न्यायालय के फैसलों के मद्देनजर लाया गया है। विधेयक को बिना किसी चर्चा के पारित कर किया गया।