ईट राइट जैकेट’ और ‘ईट राइट झोला

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डॉ. हर्षवर्धन ने विश्‍व खाद्य दिवस 2019 पर ‘ईट राइट जैकेट’ और ‘ईट राइट झोला’ का भी शुभारंभ किया

मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आज नई दिल्‍ली में विश्‍व खाद्य दिवस 2019 मनाये जाने के लिए आयोजित समारोह में कहा, ‘आम लोगों तक पहुंच सुनिश्चित कर सकने वाले दिग्‍गजों एवं महत्‍वपूर्ण निकायों को प्रेरित कर हम प्रत्‍येक व्‍यक्ति तक पहुंच सकते हैं। हमें समाज के हर तबके को शामिल करना है, ताकि ‘ईट राइट इंडिया’ एक राष्‍ट्रव्‍यापी अभियान बन सके।’ इस दिवस की थीम है ‘शून्‍य भूखमरी वाली दुनिया के लिए स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक भोजन।’ इस अवसर पर डॉ. हर्षवर्धन ने ‘ईट राइट जैकेट’ और ‘ईट राइट झोला’ के साथ-साथ ‘खाद्य सुरक्षा मित्र (एफएसएम)’ योजना का भी शुभारंभ किया, ताकि खाद्य सुरक्षा व्‍यवस्‍था को मजबूत किया जा सके और इसके साथ ही ‘ईट राइट इंडिया’ अभियान को व्‍यापक बनाया जा सके।
डॉ. हर्षवर्धन ने विशेष बल देते हुए कहा कि लोगों में बहुप्रती‍क्षित सामाजिक एवं स्‍वभाव संबंधी बदलाव लाने के लिए ‘ईट राइट इंडिया’ अभियान अंतिम जरूरी है। उन्‍होंने कहा कि यदि सही रणनीति अपनायी जाए और समाज के हर तबके तक पहुंचने के लिए ठोस प्रयास किये जाएं, तो ‘फिट इंडिया’ अभियान के साथ-साथ इस अभियान को भी उल्‍लेखनीय सफलता मिल सकती है। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि लोगों को महात्‍मा गांधी के संदेशों को अपनाना चाहिए जिनमें उन्‍होंने कम भोजन करने, सुरक्षित एवं स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक भोजन करने, अतिरिक्‍त भोजन को साझा करने की आदत डालने और खाद्य पदार्थों की बर्बादी में कमी लाने को कहा है। डॉ. हर्षवर्धन ने बहुक्षेत्रीय अवधारणा पर प्रकाश डालने के लिए पोलियो के उदाहरण को उद्धृत करते हुए कहा, ‘हम सभी को अपने-अपने हिसाब से यह जिम्‍मेदारी लेनी चाहिए। मेरा मानना है कि हम सभी आपस में मिलकर स्‍वास्‍थ्‍य एवं समाज की चुनौतियों का सामना करने के लिए नई अवधारणाएं विकसित करने में समर्थ साबित होंगे।’
खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर ‘जन आंदोलन’ की विशिष्‍ट अहमियत पर प्रकाश डालते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं खाद्य पदार्थों की बर्बादी रोकने के प्रयोजन को मजबूत करने के लिए लोगों अथवा संगठनों की ओर से छोटे-छोटे सकारात्‍मक कदम उठाये जा सकते हैं।
‘खाद्य सुरक्षा मित्र’ योजना छोटे एवं मझोले खाद्य व्‍यवसायियों के लिए खाद्य सुरक्षा कानूनों का पालन करने और लाइसेंस एवं पंजीकरण, स्वच्छता रेटिंग तथा प्रशिक्षण को सुविधाजनक बनाने में मददगार साबित होगी। खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के अलावा यह योजना विशेषकर खाद्य एवं पोषण से जुड़ी पृष्‍ठभूमि वाले युवाओं के लिए नये रोजगार अवसर भी सृजित करेगी। खाद्य सुरक्षा मित्रों (एफएसएम) को एफएसएसएआई द्वारा प्रशिक्षण एवं प्रमाण-पत्र दिये जाएंगे, ताकि वे संबंधित कार्य कर सकें और अपनी सेवाओं के लिए खाद्य व्‍यवसायियों से भुगतान प्राप्‍त कर सकें। 15 एफएसएम के प्रथम बैच को आज प्रमाण-पत्र दिये जाएंगे (योजना का विवरण https://fssai.gov.in/mitra/ पर उपलब्‍ध है)।

‘ईट राइट जैकेट’ का आज शुभारंभ किया गया, जिसका उपयोग विभिन्‍न क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मियों (फील्‍ड स्‍टाफ) द्वारा किया जाएगा। यह स्‍मार्ट डिजाइन वाली जैकेट है, जिसमें अनेक तकनीकी उपकरण जैसे कि टैबलेट/स्‍मार्ट फोन, क्‍यूआर कोड और पहचान करने एवं नजर रखने के लिए आरएफआईडी टैग लगाये जा सकते हैं। इससे जहां एक ओर विभिन्‍न क्षेत्रों में काम कर रहे फील्‍ड स्‍टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, वहीं दूसरी ओर इससे खाद्य सुरक्षा व्‍यवस्‍था में पारदर्शिता, प्रोफेशनल रुख एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी तथा इसके साथ ही स्‍वामित्‍व की भावना आएगी एवं एफएसओ को उन पर नजर रखने में सुविधा होगी। ‘ईट राइट झोला’ दरअसल कपड़े का एक ऐसा थैला है, जिसे फिर से उपयोग में लाया जा सकता है, अत: यह खुदरा किराना दुकानों में खरीदारी करते वक्‍त प्‍लास्टिक की थैलियों का स्‍थान बड़ी आसानी से ले सकेगा। चूंकि बार-बार उपयोग में लाने पर थैले बैक्‍टीरिया, सूक्ष्‍म जीवाणु इत्‍यादि की वजह से दूषित हो जाते हैं, अत: स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा एवं साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए कपड़े के थैलों की नियमित धुलाई आवश्‍यक है। कपड़े के ये थैले एक निजी वस्‍त्र किराया सेवा कंपनी के जरिये किराये पर उपलब्‍ध कराये जा रहे हैं।
देश भर में कार्यरत घरेलू कामगारों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने के उद्देश्‍य से एफएसएसएआई ने कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अधीनस्‍थ घरेलू कामगार क्षेत्र कौशल परिषद (डीडब्‍ल्‍यूएसएससी) के साथ साझेदारी की है। आरडब्‍ल्‍यूए के सहयोग से डीडब्‍ल्‍यूएसएससी के प्रशिक्षण साझेदारों के जरिये पहले चरण में एक लाख घरेलू कामगारों और घर-घर काम करने वाली महिलाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। यह आंकड़ा आगे चलकर बढ़ाया जाएगा।
देश भर में ‘ईट राइट इंडिया’ अभियान को व्‍यापक बनाने के लिए एफएसएसएआई ने अनेक हस्तियों को इससे जोड़ा है। इस्‍तेमाल में लाए जा चुके कुकिंग ऑयल को बायो डीजल में तब्‍दील करने और जिन्‍दगी के प्रथम 1000 दिनों में पोषण पर दो लघु फिल्‍में इस अवसर पर जारी की गईं, जिनमें क्रमश: श्री विराट कोहली और सुश्री जुही चावला ने भूमिका निभाई है।

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