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सोनिया और राहुल गांधी से मिले भाजपा विधायक अनिल, बोले- जिस पार्टी में मान-सम्मान, वही प्राथमिकता.

सोनिया और राहुल गांधी से मिले भाजपा विधायक अनिल, बोले- जिस पार्टी में मान-सम्मान, वही प्राथमिकता.

हिमाचल प्रदेश के मंडी सदर से भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री अनिल शर्मा ने नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात की है।

उन्होंने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने की अपनी मजबूरी सोनिया और राहुल गांधी को बताई है। हालांकि, उनकी क्या मजबूरी थी, इसका खुलासा नहीं हो पाया है। इससे पूर्व अनिल ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी।

दिल्ली से लौटकर अनिल शर्मा ने बताया कि कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टियों के बड़े नेताओं से बात कर ली है। जिस पार्टी में उन्हें मान-सम्मान और राजनीतिक सुरक्षा मिलेगी, वही प्राथमिकता होगी। विधानसभा चुनाव कुछ ही महीनों में होने हैं। ऐसे में अब सुखराम परिवार की अगली सियासी चाल क्या होगी, विधानसभा चुनाव कुछ ही महीनों में होने हैं। ऐसे में अब सुखराम परिवार की अगली सियासी चाल क्या होगी, इस पर सबकी निगाहें टिक गई हैं। अनिल शर्मा पिता दिवंगत पंडित सुखराम का नाम और काम भुनाने में डटे हुए हैं। कांग्रेस और भाजपा के बड़े नेताओं से तार जोड़ रहे हैं। पंडित सुखराम के वोट बैंक को देखकर भाजपा चुनावों के नाजुक समय में ऐसा कोई कदम उठाना नहीं चाहती, जिससे उसे नुकसान हो।कांग्रेस भी अनिल शर्मा को घर वापसी का मौका देकर मंडी सीट को फिर से कब्जाने की फिराक में हैं।

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मुख्यमंत्री जयराम के गृह क्षेत्र मंडी में सबसे हॉट सीट मंडी सदर की है। यहां सुखराम परिवार का ही वर्चस्व रहा है। 2017 के चुनावों में कांग्रेस से इस्तीफा देकर अनिल शर्मा भाजपा में शामिल हो गए थे। पिता पंडित सुखराम भी भाजपा को जीत दिलाने चुनावी रण में उतरे और मंडी सीट पर अरसे बाद मंडी सदर में भाजपा को भगवा फहराने का मौका मिला था। सरकार बनने पर भाजपा सरकार में अनिल शर्मा को ऊर्जा मंत्री का पद मिला। लेकिन 2019 के लोकसभा चुनावों में उनके बेटे आश्रय शर्मा को कांग्रेस से टिकट मिला। इस दौरान अनिल शर्मा पार्टी के साथ न होकर कैंपेन से किनारा कर गए और बेटे के समर्थन में दिखे।उन्होंने भाजपा के मंत्री पद को भी छोड़ दिया। तब से अनिल शर्मा भाजपा में होते हुए भी भाजपा के नहीं हैं।

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सीएम जयराम और अनिल शर्मा के बीच कई बार तकरार हुई है। लेकिन विधानसभा चुनावों के बीच फिर से दोनों एक ही मंच पर भी दिखने लगे हैं। उधर, विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा के शीर्ष नेताओं से बात हुई है। दोनों तरफ अपनी बात उन्होंने रखी है।

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