राज्यपाल की रक्षाबंधन पर शुभकामनाएं
जयपुर 17 अगस्त। राज्यपाल कल्याण सिंह ने कहा है कि ज्ञान-विज्ञान की भाषा देववाणी संस्कृत को जनवाणी बनाने के लिए सभी को मिल-जुल कर प्रयास करने होंगे। श्री सिंह ने संस्कृत दिवस पर प्रदेषवासियों को बधाइयां एवं षुभकामनाएँ दी है।
श्री सिंह ने कहा है कि संस्कृत हम सभी को भारतीय संस्कृति का दिग्दर्शन कराती है। हमारे आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक साहित्य को देववाणी संस्कृत ने अभिव्यक्ति प्रदान की है। भारतीय संस्कृति को जानने के लिए हमें संस्कृत में रचित शास्त्रों का ज्ञान आवश्यक है। वेद, उपनिषद्, पुराण, रामायण और महाभारत संस्कृत में रचित है। चरक और सुश्रुतसंहिता जैसे ग्रन्थों की रचना भी संस्कृत भाषा में है।
सिंह ने कहा है कि मीरा बाई, पन्नाधाय व महाराणा प्रताप जैसे वीरों की भूूमि राजस्थान, संस्कृत शिक्षा की दृष्टि से समृद्ध है। संस्कृत में राजस्थान अग्रणी राज्य है। उन्होंने कहा कि यहां संस्कृत का निदेषालय, विश्वविद्यालय और अकादमी संचालित हैं, जो संस्कृत भाषा के लिए कार्य कर रहे हैं।
राज्यपाल कल्याण सिंह ने रक्षा बंधन के त्यौहार पर प्रदेषवासियों को हार्दिक बधाई एवं षुभकामनाएँ दी ,और अपने संदेष में कहा ‘‘यह त्यौहार परिवार व समाज में आपसी प्रेम, सामाजिक सद्भाव और महिलाओं के लिये आदर एवं सुरक्षा की भावना को मजबूत करता है।‘‘