क़ुरैश कांफ्रेंस (महाराष्ट्र ) का पहला अधिवेशन संपन्न

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PRESS RELEASE

5C फार्मूला No complaint , No criticism, No comparison , No Cry And No Curse  

Animal Preservation Act और सभी मीट से सम्बंधित कठोर कानूनों की जुडिशल स्क्रूटिनी के लिए कदम उठाये जाने पर ज़ोर दिया 

Mumbai ://Press Release //  दिनांक 06.01 .2024 , को कांफ्रेंस हॉल, इस्लाम जिमखाना, मुंबई, में महाराष्ट्र प्रदेश, क़ुरैश कांफ्रेंस का पहला अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अधिवेशन की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट, सनोबर अली कुरैशी ने की और निज़ामत श्री मोहम्मद आशिक़ीन कुरैशी ने की ।

अकरम कुरैशी, (राष्ट्रीय महासचिव) ने सभी मुख्य अतिथि और डेलीगेट्स का शानदार इस्तक़बाल किया। सलीम अहमद कुरैशी (सीनियर वाईस प्रेजिडेंट, क़ुरैश कांफ्रेंस) ने आसान निकाह पर अपने ख्यालात का इज़हार करते हुए फ़ुज़ूल रसूमात और बेजा इसराफ़ के नुकसान पर रौशनी डाली . श्री शराफत हुसैन कुरैशी, राष्ट्रीय महासचिव (क़ुरैश कांफ्रेंस) ने अधिवेशन में पास किये गए 7 Resolutions (प्रस्ताव) को पढ़कर सुनाया जो इस प्रकार है :

राष्ट्रीय मीट बोर्ड का गठन किया जायेगा , मुसलमानों के चौमुखी विकास के लिए शिक्षा तथा हेल्थ के मैदान में सरकारी व् निजी सुविधाओं को यक़ीनी बनाया जायेगा .सभी सियासी पार्टियों को मुस्लिम समाज की राजनैतिक हिस्सेदारी ब्लॉक स्तर से केंद्र तक जनसँख्या के अनुपात से सुनिश्चित कराई जायेगी .

सभी ज़िलों में अल मीज़ान स्कूल, हुनर सेंटर तथा स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोले जाएंगे , सच्चर समिति तथा रंगनाथ मिश्रा समिति की सभी सिफारिशों को लागु कराया जायेगा , प्लेसेस ऑफ़ वरशिप एक्ट 1991 को संविधान के 9th schedule में डाला जाये तथा महाराष्ट्र सरकार OBC सर्टिफिकेट को बनाने की प्रक्रिया को सरल बनाये इसके लिए पत्राचार किया जाएगा और Pressure Group बनाया जायेगा ।

 

अधिवेशन में मुख्य अतिथि अब्दुल रहमान (IPS) पूर्व IG महाराष्ट्र , हज़रत मौलाना खुर्शीद अहमद कासमी तथा प्रोफेसर अज़ीज़ुद्दीन खान ने शिरकत की और अपने मुफ़ीद मश्वरों और तजर्बों से लाभान्वित किया । प्रोग्राम की शुरुआत डॉक्टर अफ़ज़ल कुरैशी, जनरल सेक्रेटरी मुंबई, क़ुरैश कांफ्रेंस द्वारा क़ुरान की तिलावत से की गयी तथा महाराष्ट्र प्रदेश के जनरल सेक्रेटरी अब्दुल रहमान कुरैशी बालापुर ने महाराष्ट्र प्रदेश समिति का तार्रुफ़ कराया .

इस मौके पर पूर्व IG अब्दुल रहमान ने क़ुरैश क़बीले की इस्लामिक तारीख़ी हैसियत पर भी तफ़सीली रौशनी डाली .उन्होंने Animal Preservation Act और सभी मीट से सम्बंधित कठोर कानूनों की जुडिशल स्क्रूटिनी के लिए कदम उठाये जाने पर ज़ोर दिया . उन्होंने बताया कि इसके दुष्प्रभाव से सिर्फ क़ुरैश कम्युनिटी का नुकसान नहीं बल्कि इससे देश के 18 करोड़ लोग प्रभावित हो रहे है . इसका Data सरकार को सौंपा जाए और इस तरफ ध्यान केंद्रित कराया जाए .

मुख्य अतिथि डॉक्टर अज़ीज़ुद्दीन खान ने बताया की मुस्लिम का ड्रॉपआउट रेट 11-12 % है . जिसको मज़बूत पेरेंटिंग और काउन्सलिंग के ज़रिये खत्म किया जा सकता है .उन्होंने बताया कि ईमान के बाद शिक्षा ही तरक़्क़ी और ऊर्जा का सबसे मज़बूत स्रोत है . डॉ खान ने कहा कि इस बात को लोगों में ज़्यादा से ज़्यादा Probgate किया जाए . और साथ ही मदरसों और मज़हबी इदारों से सभी मजहब के लोगो को खिदमत के ज़रिये जोड़ा जाए ताकि उनके सामने इस्लाम की सही तस्वीर पेश की जा सके ।

कांफ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता सनोबर अली कुरैशी ने अध्यक्षीय सम्बोधन में कहा , अधिवेशन का विषय “मुस्लिम विज़न फॉर 2024” के तहत ,आगामी लोकसभा आम चुनाव , मुस्लिम समाज में हायर एजुकेशन का लगातार गिरता ग्राफ तथा कुरैशी कम्युनिटी (सम्पूर्ण मुस्लिम समाज ) के राजनैतिक सशक्तिकरण की ज़रूरत पर ज़ोर दिया जाना चाहिए . उन्होंने कहा कानून के द्वारा मीट कारोबारियों का संरक्षण किया जाएगा . सनोबर अली ने देश में मुस्लिम सियासी समीकरण पर तफ्सील से रौशनी डाली .

उन्होंने कहा अगर सियासी सूझबूझ और हिकमते अमली से काम लिया जाए तो लोक सभा की 70 से 80 सीट्स पर मुसलमान सांसद लाये जा सकते हैं . और सूबों में विधायकों की संख्या भी काफी बढ़ाई जा सकती है .राष्ट्रीय अध्यक्ष सनोबर अली कुरैशी ने अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में No complaint , No criticize, No compare , No Cry And No Curse वाला कामयाबी का 5C फार्मूला बताया .

उन्होंने कहा हमारे युवाओं में Desire भी है और Dream भी लेकिन उनको डायरेक्शन की ज़रूरत है .उन्होंने कहा क़ुरान करीम की सूरह फातिया में अल्लाह ने बहुत ही खूबसूरती से दोनों का बयान किया है जिसपर हम सब को ग़ौर करना होगा और अमल करना होगा .

मुफ़्ती हजरत मौलाना खुर्शीद अहमद कासमी ने बहुत खाट Issue के ऊपर तवज्जोह दिलाते हुए कहा कि मुस्लिम समाज को राजनैतिक सशक्तिकरण के लिए लिखित में पोलिटिकल पार्टीज से एग्रीमेंट करने होंगे . मुस्लिम समाज के लिए एजुकेशन, हेल्थ , सामाजिक सुरक्षा और सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी के मुद्दे को तरजीह दिए जाने का मज़बूत प्लान होना चाहिए .

आशक़ीन कुरैशी ने अपने सम्बोधन में क़ुरैश कांफ्रेंस की उपलब्धियों के बारे में पूरा विवरण दिया . महिला विंग की प्रेजिडेंट मोईन खलील कुरैशी ने महिलाओं की क़ुरैश कांफ्रेंस में भागीदारी पर ज़ोर दिया . श्री निसार खान, पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार ने क़ुरैश कांफ्रेंस के द्वारा किये जा रहे कार्यो की सराहना की और अधिवेशन में उठाये गए मुद्दों को देशहित में बताया .

इस अवसर पर नवाब इम्तियाज़ थानेवाला मेंबर अंजुमन बोर्ड ने क़ुरैश कांफ्रेंस के द्वारा किये जा रहे कार्यो की तारीफ की और बताया की हमारी मस्जिदें समाज की आर्थिक, राजनैतिक, शैक्षिक तथा सामाजिक सशक्तिकरण का बड़ा केंद्र बन सकता है. मुफ़्ती सलमान खुर्शीद ने क़ुरैश कांफ्रेंस द्वारा शुरू किये जा रहे अल मीज़ान स्कूल तथा नोजवानो के लिए शादी से पहले ऑनलाइन तरबियती क्लासेज शुरू करने के बारे में मालूमात दी .

अधिवक्ता अज़ीम रफ़ीक कुरैशी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ुस्लिम समाज को राजनैतिक बार्गेनिंग पावर को बढ़ाया जाये तथा एकता के साथ Nation Building के लिए काम किया जाए . अधिवक्ता आकिफ़ कुरैशी ने बताया की बहुत जल्द ट्रांसपोर्टेशन रूल्स तथा एनिमल्स प्रिजर्वेशन कानून पर राष्ट्रीय अध्यक्ष सनोबर अली कुरैशी जी की निगरानी में तथा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी आरिफ कुरैशी के द्वारा बॉम्बे हाई कोर्ट में एक PIL फाइल की जाएगी .

ज़ाकिर हुसैन इब्राहिम President , Maharashtr Minority NGO’s Forum (MMNF) ने बताया की महाराष्ट्र में लगभग 1400 अल्संख्यक संगठनों को जोड़ा गया और Comprehensive (विस्तृत ) पोर्टल बनाया गया है .जो सभी मुस्लिम संस्थाओं के बीच एक पुल का काम कर रहा है . साथ ही समाज में शांति , सद्भाव और अम्न के लिए भी काम कर रहा है .

अब्दुल नबी कुरैशी, अध्यक्ष, कर्नाटक स्टेट, ने भी अपने भाषण में शिक्षा पर ज़ोर दिया और नोजवानो को क़ुरैश कांफ्रेंस से तेजी से जोड़ने की बात कही . मुज़म्मिल कुरैशी इंचार्ज क़ुरैश कांफ्रेंस अमरावती डिवीज़न, ने कहा की कांफ्रेंस का संगठन को अमरावती जोन में बहुत जल्द मज़बूत किया जाएगा।

अन्य वक्तव्यगण बाबर कुरैशी, शम्सुद्दीन खटीक, डॉक्टर अफ़ज़ल कुरैशी, नासिर कुरैशी, अधिवक्ता शबनम कुरैशी, अधिवक्ता शगुफ्ता अंसारी, सना कुरैशी, इरफानुल्लाह खान ने भी अधिवेशन में अपना सम्बोधन किया .

अधिवेशन में अलाउद्दीन कुरैशी तथा असगर कुरैशी, आसिफ कुरैशी, ताहिर कुरैशी, मुकीम कुरैशी, शोएब कुरैशी, दानिश कुरैशी, शाहबुद्दीन कुरैशी, नासिर कुरैशी, जमालुद्दीन कुरैशी, तंज़ीम कुरैशी, शंकर, हाजी मुख्तार कुरैशी, मौलाना मोहम्मद इलियाज साहब, राष्ट्रीय जनरल सेक्रेटरी, क़ुरैश कांफ्रेंस, मौलाना हुफ़ैज़ा कासमी, मोहम्मद आदिल कुरैशी उर्फ़ आराफात कुरैशी, शकील तुफैल कुरैशी, सज्जात नशीन, अजमेर शरीफ, एक्स-कौंसिलर, शेख राबिआ इक़बाल, शाहिद कुरैशी तथा साहब अंसारी, प्रिंसिपल कॉरेस्पोंडेंस, इन्किलाब अख़बार, उर्दू तथा बहुत बड़ी तादाद में लोगो ने शिरकत किया। अंत में, सभी डेलीगेट्स का महाराष्ट्र क़ुरैश कांफ्रेंस के पहले अधिवेशन को सफल बनाने के लिए शुक्रिया अदा किया और चीफ गेस्ट तथा गेस्ट ऑफ़ होनोर्स को Troffees (स्मृति चिन्ह ) से सम्मानित किया गया ।

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