पंजाब की AAP सरकार पाकिस्तान से क्यों बनान चाहती है सम्बन्ध ?

Date:

 

क्या है नफ़ा और नुकसान इन रिश्तों को बनाने में , AAP को क्या है लाभ ?

 

पंजाब में AAP की भगवंत मान सरकार ने पाकिस्तान से बिजनेस शुरू करने का उठाया मुद्दा तो बीजेपी ने बताया ‘पाक-प्रेम’, कांग्रेस भी हमलावर 

CM Punjab Bhagwant Mann with PM Narendra Modi

New Delhi : पाकिस्तान , भारतीय पंजाब के कृषि उत्पाद का बड़ा खरीदार रहा है . जिससे पंजाब के किसानो को काफी लाभ होता था . किन्तु अब पाकिस्तान के साथ कारोबारी सम्बन्ध टूट जाने की वजह से कृषि उत्पादों का निर्यात बंद होगया . इस वजह से किसानो , पंजाब सरकार और खुद भारत की केंद्र सरकार को भी इसका बड़ा नुकसान तो है |

लेकिन सियासत को तो अपना उल्लू सीधा करना होता है . देश और जनता का दर्द चुनावों के अलावा कहीं दिखाई नहीं देता . भाजपा नेता शेह्ज़ाद पूनावाला का हालिया एक Tweet सामने आया जिसमें वो सीधे तौर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पर पाक भक्ति का आरोप लगा रहे हैं.

पूनावाला ने कहा “एक तरफ केजरीवाल दावा करते हैं कि वह कट्टर देशभक्त हैं, लेकिन असल में वह वोटबैंक के भक्त हैं।हालांकि वोट बैंक की भक्ति में हर एक पार्टी विलीन होती है | 

BJP Spokesperson shehzad poonewala

 

हिंदुओं को गाली देने से लेकर पाकिस्तान परस्‍ती तक आप कांग्रेस की नकल कर रहे है। आप अब पीपीपी-पाक परस्त पार्टी है।”

दरअसल ,आम आदमी पार्टी की अगुवाई में बानी पंजाब सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं इसी बीच पाकिस्तान के साथ व्यापार को फिर से शुरू करने की भी मांग की है।

हम अपने पाठकों को बता दें कि भारत सरकार द्वारा जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के दो दिन बाद इस्लामाबाद ने 7 अगस्त 2019 को इसे निलंबित कर दिया था।इस निलंबन से भारत सर्कार को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता |

इसी बीच पंजाब के कृषि और किसान कल्याण मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने 14-15 जुलाई 2022 को बेंगलुरु में राज्य के कृषि और बागवानी मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान एक मांग उठाई ।जिसमें कहा गया की हमें पाकिस्तान के साथ व्यापारी सम्बन्ध क़ायम करने चाहिए .

भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की पाकिस्तान के साथ व्यापार संबंधों को फिर से शुरू करने की इस मांग को लेकर भाजपा ने आम आदमी पार्टी (आप) पर तीखा हमला बोलै । भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आप को “पीपीपी-पाक परस्त पार्टी” कहा।

पंजाब की आप सरकार की ऐसी मांग के बारे में कई लोगों ने तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। पूनावाला ने ट्विटर पर कहा, “आप की पाकिस्तान परस्ती कांग्रेस के पाक प्रेम के बराबर है !

कांग्रेस की तरह आप ने भी सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाया था, बालकोट सबूत मांगा था, भारत पर पुलवामा का आरोप लगाया था।

यहाँ सवाल यह पैदा होता है यदि पुलवामा और बालाकोट पर देश की 2 बड़ी राजनितिक पार्टियां देश और जनता को विश्वास में लेने के लिए कोई सुबूत मांग रही हैं तो इसमें हर्ज क्या है ?

पूनावाला ने ट्वीट किया, ‘एक तरफ केजरीवाल दावा करते हैं कि वह कट्टर देशभक्त हैं, लेकिन असल में वह वोटबैंक के भक्त हैं। हिंदुओं को गाली देने से लेकर पाकिस्तान परस्‍ती तक आप कांग्रेस की नकल कर रही है। आप अब पीपीपी-पाक परस्त पार्टी है।”

अब देखना यह है की अगर वास्तव में यह पाकिस्तान परस्ती है है तो क्या AAP के नेताओं और कांग्रेस नेताओं पर भी UAPA लगेगा जिस तरह देश के कई नौजवानों को पाकिस्तान के नारे लगाने पर UAPA लगाया जा चूका है .

भारत सरकार द्वारा जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के निर्णय के दो दिन बाद, 7 अगस्त, 2019 को इस्लामाबाद द्वारा पाकिस्तान के साथ व्यापार को निलंबित कर दिया गया था।

इस साल 14-15 जुलाई को बेंगलुरु में राज्य कृषि और बागवानी मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान पंजाब के कृषि और किसान कल्याण मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने व्यापार फिर से शुरू करने की मांग उठाई थी।

कांग्रेस नेता ने भी उठाया सवाल, उच्चायुक्त ही नहीं वहां व्यापार कैसा

कांग्रेस पार्टी ने आप सरकार की मांग पर भी सवाल उठाया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने पूछा कि जब भारत और पाकिस्तान में उच्चायुक्त नहीं हैं तो व्यापार कैसे संभव है।

आनंदपुर साहिब संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले तिवारी ने ट्वीट किया “मेरे पंजाबी साथी! पुरानी यादों से दूर नहीं तो अक्सर मासूमियत पर आश्चर्य होता है।

क्या @KuldeepSinghAAP जम्मू-कश्मीर के संवैधानिक परिवर्तनों को उलटने तक भारत के साथ पाक-नो टॉक की आधिकारिक स्थिति को समझते हैं। हमारे पास अभी तक उच्चायुक्तों को बहाल नहीं किया गया है। व्यापार कैसे?”

दिल्ली भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा केजरीवाल का प्रभाव आप की पंजाब सरकार के ‘पाकिस्तान प्रेम’ में दिख रहा है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

क्या देवता मांस खाते थे?

भगवान राम और अन्य देवताओं की खानपान की आदतों...

बिहार के नालंदा में हुए हादसे पर राज्यपाल की शोक संवेदना

राज्यपाल सचिवालय लोकभवन, राजस्थान जयपुर, 31 मार्च।Press Release:/ राज्यपाल श्री हरिभाऊ...

Education and harmony must go hand in hand” – Dr Khwaja

Free Coaching for One Year and Inter Faith Message...

Judaism, Zionism, and the Politics of Perception

Beyond the Narrative: Judaism, Zionism, and the Politics of...