पुलिस व पब्लिक को नए क़ानूनों पर जानकारी

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प्रेस विज्ञप्ति

सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता असलम अहमद ने पुलिस व पब्लिक को नए क़ानूनों पर दी जानकारी

दिल्ली पुलिस द्वारा विभिन्न स्थानों पर तीनो आपराधिक क़ानूनों के सम्बंध में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन

अधिवक्ता असलम अहमद ने नए क़ानूनों पर दी जानकारी

नई दिल्ली/ सामाजिक जिम्मेदारी के एक हिस्से के तौर पर सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड व सिंघानिया एंड कंपनी के पार्टनर एडवोकेट असलम अहमद ने दिल्ली पुलिस द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में भाग लेने आये लोगों को, नए आपराधिक कानूनों के सम्बंध में पुलिस व पब्लिक को जानकारी दी ।

ग़ौरतलब है कि 1 जुलाई 2024 से पूरे भारतवर्ष में लागू किये गए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत (सीआरपीसी 1973) , भारतीय न्याय संहिता 2023 (आईपीसी 1860 ) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 (आईईए 1872 ) की जगह नए क़ानून लागू हुए हैं .

इन क़ानूनों के बारे में जनता और पुलिस को जागरूकता देने के लिए आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में न्यू अशोक नगर और गाजीपुर के पुलिस स्टेशनों द्वारा सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता असलम अहमद को आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में दिल्ली के विभिन्न रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों के सदस्यों, स्कूली छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने भाग लिया।

अधिवक्ता असलम ने श्रोताओं को कई सकारात्मक क़ानूनी बदलावों के बारे में बताया। इन 3 नए क़ानूनों के प्रक्रियात्मक रूप से, 1/3 सजा भुगतने पर जमानत देने का प्रावधान है. जीरो एफआईआर, ई एफआईआर, महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान और यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि झूठी एफआईआर को बढ़ावा न दिया जाए।

असलम अहमद ने बताया कि लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए (मृत्यु हो जाने का कारण बनने) पर प्रावधान लागू नहीं है। अब घोषित अपराधियों पर भी मुकदमा चलाया जा सकता है। क़ाबिले ग़ौर बात यह है कि पुलिस हिरासत अवधि बढ़ा दी गई है, इसे नागरिक अधिकारों के खिलाफ माना जा रहा है .

उन्होंने कहा , हालांकि ज़मानत के प्रावधानों को और अधिक Citizen Friendly बनाये जाने की ज़रुरत है . इसे भी नागरिक स्वतंत्रता के खिलाफ माना जा सकता है क्योंकि यह क़ानून नागरिक अधिकारों के सिद्धांत के ख़िलाफ़ है . क्योंकि जब तक कोई आरोपी दोषी साबित न हो जाए, तब तक निर्दोष होता है।

सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता असलम अहमद ने कहा हम दिल्ली पुलिस, रियान स्कूल, आरडब्ल्यूए और वसुंधरा एन्क्लेव के संयुक्त मंच का शुक्रिया अदा करते हैं कि इन कानूनों के बारे में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है । कानून एक महासागर है और हम सभी नए क़ानूनों को सीखते रहेंगे और पुराने कानून भी पिछली अवधि के अपराधों के लिए लागू रहेंगे। अगले कुछ वर्ष सभी के लिए नई सीख लेकर आएंगे।

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