इसका नतीजा 2024 में भुगतना पड़ेगा: खाप पंचायत
आंखें दिखाने की कोशिश की तो आंखें निकाल लेंगे:मांगेराम
पहलवान खिलाडियों के यौन शोषण मामले में रोज़ कोई नया मोड़ सामने आता है . वर्ल्ड रेस्टलिंग फेडरेशन (WRF) अध्यक्ष और भाजपा के बाहुबली सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि मेरे खिलाफ यदि एक भी आरोप सिद्ध हुआ तो फांसी पर लटक जाऊंगा।
ब्रजभूषण ने कहा पहलवानों की पहले कुछ मांग थी, अब कुछ और हो गई। कौन क्या कह रहा है उससे मतलब नहीं है। पहलवानों की शर्तें, भाषा लगातार बदलने पर ब्रजभूषण का का यह शक है कि उनको राजनितिक पाठ दिया जा रहा है ।
लेकिन सवाल यह है कि देश के खिलाडियों के टूटते भरोसे को कैसे क़ायम रखा जायेगा .और आरोपी अपनी नैतिक व् संवैधानिक ज़िम्मेदारी को समझते हुए अपने पद से Resignation क्यों नहीं देते .
सांसद बृभूषण शरण ने दोहराया कि दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है। एक भी आरोप साबित हुआ तो फांसी पर लटक जाऊंगा। इनकी शर्तें, भाषा लगातार बदल रही हैं। वहीं हरियाणा के पहलवानों के सम्मान की लड़ाई अब पश्चिमी यूपी तक आ गई है। किसान नेताओं और संगठनों की ओर से खाप चौधरियों की पंचायत बुलाई गई।
आपको बता दें महिला पहलवानों को न्याय दिलाने के लिए आज मुजफ्फरनगर के सोरम में सर्वखाप की पंचायत आयोजित की जा रही है। सर्वखाप पंचायत के लिए आज सोरम में पंचायत की गयी है।
सर्वखाप की पंचायत में पहुंचे राकेश टिकैत ने कहा कि पहलवानों को हताश होने की आवश्यकता नहीं है। हम लड़ाई लड़ेंगे और जीतेंगे भी। पहलवानों की लड़ाई लड़ी जाएगी और सर्व समाज लड़ेगा।
पंचायत में एलान किया गया कि खाप चौधरियों का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति और गृहमंत्री से मुलाकात करेगा। पहलवानों को इंसाफ मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। सोरम में आए विभिन्न राज्यों के खाप प्रतिनिधियों ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है और दो जून को कुरुक्षेत्र में होने वाली पंचायत में सुनाया जाएगा।
राकेश टिकैत ने कहा योद्धा सर्व समाज के होते हैं। और सर्कार हमें जाती के नाम पर लड़ाएगी , एक रहना है और पहलवानों की पहचान तिरंगा है।चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि राष्ट्रपति से मिलेंगे।
काफी बड़ी संख्या में समर्थकों की पंचायत में उपस्थिति दिखाई दी । पंचायत में प्रतिनिधियों के अलावा आसपास के क्षेत्र से भीड़ आने की संभावना के मद्देनजर सोरम की चौपाल के बजाए वैदिक कन्या इंटर कॉलेज में पंचायत को शिफ्ट किया गया । अब खाप चौधरियों के फैसले पर सबकी निगाह टिकी हुई है।
पंचायत में बोलते हुए मांगेराम त्यागी ने कहा कि इन लोगों ने हमारी बेटियों को जातियों में बांट दिया है। लेकिन मैं पूछना चाहता हूं कि जब ये विदेश में खेलने गईं थीं, जीतकर लौटीं थी तो क्या आपने इनकी जाति पूछी थी। तब ये देश की बेटियां थी।


