राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष से ३ सदस्सीय दल की मुलाक़ात ,मुस्लिम समुदाय के कई मुद्दों पर की गयी चर्चा

नई दिल्ली :TOP Bureau : राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री इकबाल सिंह लालपुरा से फ़िरोज़ाबाद के बीजेपी सांसद डॉ चंद्रसेन जादौन , FCI सदस्य और मधुसूदन गौशाला के संस्थापक डॉ ज़ुबैदुर्रहमान खान (बब्बन मियां ) ने एक औपचारिक मुलाक़ात की .
यह मुलाक़ात ऐसे वक़्त में बहुत ख़ास है जब पूरे देश में हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद गौतम अडानी मुद्दे को लेकर बीजेपी और PM मोदी विपक्ष के निशाने पर है .साथ ही आगामी कुछ दिनों में देश के कई राज्यों में विधान सभा के चुनाव होने हैं .
बीजेपी अपने ऊपर लगे साम्प्रदायिकता के दाग़ धोने की कोशिश करती रही है .हालांकि इसके विपरीत अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के सालाना बजट को लगातार कम भी किया जा रहा है, जिससे ख़ास तौर पर मुस्लिम समुदाय की शिक्षा पर नकारात्मक असर पड़ा है . और रफ्ता रफ्ता अल्पसंख्यक मंत्रालय को ख़त्म करने के समाचार भी मिल रहे हैं . लेकिन समाज अपने बल पर शिक्षा के मैदान में अग्रसर नज़र आता है .
RSS के मुस्लिम राष्ट्रीय मंच विंग के सुप्रीमो भाई इंद्रेश को देश की सबसे बड़ी अल्पसंख्यक मुस्लिम क़ौम को बीजेपी के साथ जोड़ने की ज़िम्मेदारी दी गयी है और वो किसी हद तक अपने मिशन में कामयाब भी रहे हैं .
ऐसे में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री इकबाल सिंह लालपुरा के साथ फ़िरोज़ाबाद से बीजेपी के सांसद डॉ चंद्रसेन जादौन और FCI सदस्य व् मधुसूदन गौशाला के संस्थापक डॉ ज़ुबैदुर्रहमान खान (बब्बन मियां ) की मुलाक़ात बीजेपी की अल्पसंख्यकों को आकर्षित करने की राजनीती से जोड़कर भी देखा जा सकता है .
हालाँकि बबन मियां राजनीतिज्ञ की हैसियत से नहीं बल्कि सर्वधर्म समभाव की नीयत से बीजेपी के लोगों के साथ जुड़े रहे हैं . और सभी सियासी पार्टियों और वर्गों के साथ बब्बन मियां के अच्छे सम्बन्ध हैं . साथ ही उनकी कोई राजनितिक महत्वाकांक्षा भी नज़र नहीं आती है .
हालिया दिनों में उत्तर प्रदेश उपभोक्ता कल्याण परिषद् जिला बुलंद शहर अध्यक्ष पद के लिए नियुक्त किये गए ज़ुबैदुर्रहमान खान से जब उनकी अल्पसंखयक आयोग के चेयरमैन से मुलाक़ात के सम्बन्ध में पूछा गया तो उन्होंने बताया की …
NCM के चेयरमैन इक़बाल सिंह से उन्होंने मुस्लिम समुदाय के उत्थान के लिए शिक्षा के मैदान में सहयोग किये जाने पर बात की . दिल्ली दंगों में बेगुनाह लोगों की जेल से जल्द रिहाई के सम्बन्ध में भी बब्बन मियां ने आयोग का ध्यान केंद्रित कराया .
उन्होंने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष इक़बाल सिंह लालपुरा को बताया की आयोग अल्पसंख्यकों के बुद्धिजीवी वर्ग के साथ लगतार संवाद बनाये ताकि सरकार और अल्पसंख्यकों के बीच ग़लत फ़हमियों को दूर किया जा सके .
“लेकिन ज़ाहिर है यह जभी मुकीम है जब सरकार भी अप्ल्संख्यकों के मुद्दों को हल करने को लेकर संजीदा हो और नेक नीयत रखती हो” TOP View ..
बब्बन मियां ने बताया कि उनकी आयोग के चेयरमैन के साथ मुलाक़ात काफ़ी तसल्लीबख़्श रही और चेयरमैन ने चर्चित इश्यूज पर काम करने का आश्वासन भी दिया ..
“मगर आश्वासन , स्लोगन ,और नारे बीजेपी का प्रोपेगंडा तो है . मगर हिन्दुत्वा की राजनीती पर तेज़ी से क्रियान्वयन बीजेपी की प्राथमिकता है , और होनी भी चाहिए क्योंकि उनका उद्देश्य वही है और वादे भी एक ख़ास समुदाय से हैं . और वो बड़ी वफ़ादारी से इसपर अमल कर रहे हैं .” TOP View
काश पार्टी ने सबका साथ वाले नारे पर ईमानदारी से अमल कर लिया होता तो हकीकत में अगले 50 वर्ष देश पर राज करना आसान होता . देश की जनता को एक ईमानदार विकल्प की ज़रुरत थी .लेकिन सबका विशवास और विकास तो क्या , उल्टा …………
लेकिन सरकार के साथ सभी समुदायों , वर्गों और पार्टियों का संवाद होते रहना चाहिए इसमें कोई हरज की बात नहीं है . बल्कि संवाद से कई बार ग़लत फ़हमियां दूर की जा सकती हैं . बशर्त यह के सरकारों में इच्छाशक्ति हो और नीयत साफ़ हो .जिसकी फ़िलहाल तो बहुत कमी नज़र आती है
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