महिला खिलाड़ियों के मुद्दे पर खेला होबे

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खिलाडियों का धरना : धरने पर दोबारा बैठे पहलवान, मोदी सरकार पर वादाखिलाफ़ी का आरोप

 

पहलवानों का आरोप है कि सरकार ने उनके साथ धोखा किया है, एक महीने में कार्रवाई का भरोसा दिया गया था लेकिन अब तीन महीने बाद भी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।

दोबारा धरने पर बैठने से पहले 21 तारीख को सात लड़कियों ने सीपी थाने में बृजभूषण सिंह के ख़िलाफ़ यौन शोषण की शिकायत की, लेकिन पुलिस ने FIR दर्ज नहीं किया. इसके बाद साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया 23 अप्रैल को दोबारा जंतर-मंतर पर धरने पर बैठ गए .

भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और ओलंपियन पहलवानों का विवाद तूल पकड़ सकता है। पहलवान रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे और दोबारा धरने पर बैठ गये।

पहलवानों ने इस बार सभी को इस धरने में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया . याद रहे पिछली बार खिलाडियों के इस धरने को राजनीती से दूर रखा गया था . जिसके चलते किसी भी राजनेता को बाज़ाब्ता धरने में शामिल नहीं किया गया था .

इस बार जंतर-मंतर पर चल रहे पहलवानों के धरना प्रदर्शन में कांग्रेस की नेता प्रियंका गांधी वडेरा, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा , वृंदा करात , जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक और बीजेपी में रहे सांसद उदित राज मौके पर पहुंच चुके हैं।

कांग्रेस की नेता प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा कि खिलाड़ी हमारे देश की शान होते हैं। आज यही सड़क पर आंसू बहा रहे हैं, तो सरकार उनकी सुन नहीं रही है। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार दोषियों को बचाना चाहती है .

प्रियंका गांधी ने सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि एक पार्टी और उसके नेताओं का घमंड जब आसमान चढ़ता है, तो मज़लूम आवाजों को कुचल दिया जाता है। उन्होंने महिला पहलवान खिलाड़ियों का साथ देने की अपील की।

 

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने दिल्ली पुलिस पर ही एफआईआर दर्ज करने की मांग कर दी है। मालीवाल ने कहा कि उन्होंने दोषी पुलिस अफसरों पर एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश भेजी है।

पहलवानों का खुला आरोप है कि सरकार ने उनके साथ धोखा किया है, झूठा आश्वासन दिया गया . पहलवानों ने बताया एक महीने में कार्रवाई का भरोसा दिया गया था लेकिन अब तीन महीने बाद भी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने बताया सरकार ने पहलवानों के साथ धोखा किया है।

धरना खत्म करवाते समय केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक महीने में जांच पूरी कर आरोपियों पर कार्रवाई की बात कही थी। हम कई बार सरकार को चेतावनी दे चुके थे , लेकिन सरकार ने अभी तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की।

याद रहे तीन महीने पहले पहलवानों ने अपने ही कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के ख़िलाफ़ यौन शोषण के आरोप लगाए थे और कुश्ती संघ की कार्यशैली में अनियमितताओं के ख़िलाफ़ आवाज उठाई थी.

पहलवान न्याय की मांग कर रहे हैं और उनका कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलता वे इस बार घर नहीं लौटेंगे.

याद रहे इससे पहले ब्रजभूषण सरन सिंह भी खिलाड़ियों के ख़िलाफ़ अलाहाबाद HC में याचिका दे चुके हैं . उसपर अदालत की करवाई सार्वजानिक नहीं की गयी . अलबत्ता राष्ट्रीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष ब्रजभूषण ने कहा था की यदि महिला खिलाड़ियों को कोई आपत्ति थी तो उनको पुलिस में पहले FIR करानी चाहिए थी . इस बार खिलाड़ियों ने जब FIR लिखने पहुंचे तो दिल्ली के CP पुलिस थाने ने FIR लिखने से मना कर दिया .

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