महाराष्ट्र से की बड़ी ख़बर, दुबारा होंगे चुनाव ?

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कुछ ज़ुल्म ओ सितम सहने की आदत भी है हम को

कुछ ये है कि दरबार में सुनवाई भी कम है

 

EVM की  अग्नि परीक्षा के नाम से आजतक पर अंजना का प्रोग्राम चल रहा था अचानक ज़ेहन में आया की इस TAG लाइन को बदला जाए और इसको लोकतंत्र के अग्नि परीक्षा कर दिया जाए ?

अब EVM भी मौसमों की तरह अपना रंग दिखाती रहती है कहीं बहार तो कहीं ख़िज़ाँ की तरह छा जाती है . आजकल हरयाणा के बाद महारष्ट्र चुनाव नतीजों को लेकर चुनाव आयोग और EVM पर सवाल खड़े किये जा रहे हैं, और एक बड़ा मसला पैदा होगया है .

सवाल यह है की इस मसले को तय कौन करेगा ? राज्य विधान सभाएं  , सदन या फिर Supreme कोर्ट या फिर देश की जनता का आंदोलन ? EVM पर सवाल पहली बार नहीं उठ रहे बल्कि 2009 में खुद लाल कृष्ण अडवाणी जी ने बेंगलोर में प्रेस कांफ्रेंस करके EVM पर सवाल खड़े किये थे … लेकिन उस वक़्त की UPA सर्कार ने इसपर कोई संज्ञान नहीं लिया था . 

आजकल फिर वही सवाल , क्या EVM हैक हो सकती है या नहीं ? अंजना ॐ कश्यप शो में कहती हैं की EVM से वोट नहीं करने के लिए आजतक जनता की तरफ से कोई Objection मेरे सामने तो नहीं आया ….

तो अंजना जी EVM Hack हो सकती है और इसका सुबूत हम video में आगे लाइव दिखाएंगे ..लेकिन पहले अंजना जी की जानकारी के लिए बता दूँ कि…

1963 में रजनी  कोठारी द्वारा बनाई गयी एक  Most Reliable कंपनी CSDS के ज़रिये  2024 loksabha election में सर्वे कराया गया उसमें सवाल पूछा गया था के ..क्या सत्ताधारी पार्टी EVM में छेड़छाड़ कर सकती है ? यानी क्या EVM के द्वारा भी चुनाव में धान्द्ली का इमकान है ?

कर सकती है  17 %

कुछ हद तक कर सकती है 28 %

ज़्यादा नहीं कर सकती है  11 %

बिलकुल नहीं कर सकती  16 %

यानी 56 % जनता ने कहा की EVM में छेड़खानी कि जा सकती है या हैक कि जा सकती है ..

उसी समय एक दूसरा सर्वे भी कराया गया कि …..चुनाव कराने में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर आपको कितना भरोसा है – पूरा भरोसा, थोड़ा भरोसा, ज़्यादा नहीं या बिल्कुल नहीं?

पूरा भरोसा 28%

थोड़ा भरोसा   30%

ज्यादा नहीं   14%

बिलकुल नहीं    9%

यानी 53 % का कहना था की हमको भरोसा नहीं है ..इन Surveys के बाद देश की पूरी लोकतान्त्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़ा हो जाता है जो देश के लिए बिलकुल ठीक नहीं है .

दूसरी बात United state of America भी दुनिया का दूसरा बड़ा लोकतान्त्रिक देश है वहां EVM और Ballet Paper दोनों Options हैं चाहे वोटर EVM इस्तेमाल करे चाहे तो Ballet Paper इस्तेमाल करे . तो हमारे यहाँ ऐसा करने में क्या दिक़्क़त है ??

इस सर्वे के नतीजे से अंजना कश्यप को समझ आजाना चाहिए कि देश की जनता EVM से चुनाव नहीं चाहती लेकिन जब EVM सामने ब्राजमान हो ही जाती है तो मजबूरी उसका बटन दबाना ही पड़ता है अब भले वोट जहाँ जाए .  

आपको बता दें 1998 में EVM पर सहमति बनी और इसी साल पहली बार 25 असेंबली सीटों पर वोटिंग कराई गई . EVM लाने की एक बड़ी वजह निष्पक्ष , स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव कराना था .

फिलहाल चुनाव आयोग और evm और दीगर एजेंसियां जनता के रडार पर हैं और लगातार सवालिया निशान लग रहे हैं .. INDIA TODAY ग्रुप के मुंबई तक YOUTUBE CHANNEL पर महाराष्ट्र में EVM हैकिंग के लाइव को दर्शाया गया आप भी देखें … link महाराष्ट्र से आई बड़ी ख़बर, दुबारा होंगे चुनाव ? 

https://www.youtube.com/watch?v=bjP7AGNCy3Y

इसकी सच्चाई , और प्रमाणिकता के बारे में तो MUMBAI TAK ही बता पायेगा या मुल्क एजेंसियां बताएंगी. लेकिन क्या EVM हैक होसकती है इसका प्रमाण फिलहाल आपके सामने है इस लिंक में आप देख सकते हैं .

 

 

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