महाराष्ट्र सरकार गठन में बहुजन विकास अगाड़ी की भुमिका को नकारा नहीं जा सकता

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‘महाराष्ट्र विकास अघाडी” को मिला ‘बहुजन विकास आघाड़ी’ का भी समर्थन

मुंबई: जब सोमवार की रात को शिवसेना, NCP और कांग्रेस , मुंबई के पांच सितारा होटल हयआत में अपने सामूहिक 162 विधायकों की ‘‘परेड” में मसरूफ़ थी, उसी वक़्त बहुजं विकास अगाड़ी (BVA) के supremo हितेंद्र ठाकुर , महाराष्ट्र सरकार गठन के सम्बंध में अपने विधायकों से सलाह मशवरा कर रहे थे।इसी बीच सूचना मिली की BVA ने महाराष्ट विकास अगाड़  (MVA) को सपोर्ट का ऐलान कर दिया है।

संजय राउत ने ट्वीट कर राज्य के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से अपील की, कि आप आएं और हमारे सेह्योगी दलों के विधायकों की ‘‘परेड” को  देखें।

आपको बता दें कि हितेंद्र ठाकुर के नेतृत्व वाली बहुजन विकास अघाडी (बीवीए) ने बुधवार को शिवसेना-राकांपा- कांग्रेस के गठबंधन ‘महाराष्ट्र विकास अघाडी’ (एमवीए)को समर्थन देने का मन बना लिया था और इसकी घोषणा भी करदी थी ।

बीवीए के कुल तीन  विधायकों के समर्थन के बाद एमवीए ने सरकार बनाने का दावा पेश करने के दौरान 169 विधायकों की सूची राज्यपाल को सौंपी थी और इस तरह 288 सदस्यीय विधानसभा वाली महाराष्ट्र सरकार के गठन का रास्ता असान होता दिखाई देने लगा था। कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने कहा था ,‘हितेंद्र ठाकुर की बीवीए ने एमवीए सरकार को समर्थन दे दिया है।’और हम भी इसका स्वागत करते हें।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के सूत्रों ने बताया कि समर्थन देने के लिए हितेंद्र ठाकुर ने पार्टी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की थी। विधानसभा चुनाव के आए नतीजों में भाजपा(105), शिवसेना (56), राकांपा(54) और कांग्रेस (44) के बाद बीवीए तीन सीटों के साथ पांचवे स्थान पर थी।शरद पवार ने भाई हितेंद्र ठाकुर के समर्थन का धन्यवाद किया ।

बीवीए का पड़ोसी जिले पालघर के वसई-विरार पट्टी में पूरा दबदबा है। ठाकुर, वसई से विधायक हैं जबकि अन्य विधायकों में उनके बेटे क्षितिज ठाकुर, नालासोपारा से और राजेश पाटिल, बोईसर से विधायक हैं। भाजपा और शिवसेना गठबंधन में जब सरकार बनाने को लेकर बात चल रही थी तब एक नवंबर को ठाकुर ने तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल से मुलाकात की थी और अपनी पार्टी का समर्थन भाजपा को देने की बात कही थी।

बहुजन विकास अगाड़ी के सुप्रेमो भाई हितेंद्र की राजनीति अपने इलाक़े का विकास और सम्प्रदायिक सद्भाव पर टिकी होती है, उनकी सियासत येही होती है कि जो भी सत्ता में हो फिलहाल उसी का समर्थन किया जाए और अपने क्षेत्र में विकास की राह को असान बनाया जाए।top bureau

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