
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोमवार को कन्हैयालाल के परिजनों से मुलाकात की। परिजनों से मुलाकात के बाद शेखावत ने कहा कि कन्हैयालाल जी की हत्या भले हत्यारों ने की है लेकिन राज्य सरकार और राजस्थान पुलिस के अधिकारी इस दोष और पाप से मुक्त नहीं हो सकते हैं।
मीडिया से बातचीत में शेखावत ने कहा कि कन्हैयालाल जी को बार-बार धमकी मिलने के बावजूद पुलिस ने केवल आश्वासन दिया। जिन्होंने कन्हैयालाल जी को सुरक्षा का भरोसा दिलाया था, जिला प्रशासन और उनके पीछे खड़ी राजस्थान सरकार भी हत्या की दोषी है।शेखावत ने कहा कि हत्यारों की जो मानसिकता है, मोटरसाइकिल के नंबर से लेकर उनके पाकिस्तान यात्रा के जो सूत्र मिले हैं, यह स्पष्ट दिखाई देता है कि यह केवल प्रतिक्रिया में की गई घटना नहीं है। यह सोची-समझी साजिश के तहत की गई घटना है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले दिनों हुईं करौली, भीलवाड़ा, फिर भीलवाड़ा और उसके बाद जोधपुर की घटनाओं हुई। इन घटनाओं को कनेक्ट करके देखा जाए तो साफ है कि यह जो मानसिकता राजस्थान में पनप रही है, इसके पीछे कौन लोग हैं? इनको कौन पोषित कर रहा है? कौन इस तरह की मानसिकता को खाद-पानी दे रहा है? इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि एक पोस्ट डालने का आपके सामने फर्क रखना चाहता हूं। एक पोस्ट डालने पर एक व्यक्ति को उठाकर तुरंत जेल के सलाखों के बीच में डाल दिया जाए लेकिन खुलेआम एलान और धमकियां देने वाले व्यक्ति, जो पुलिस की उपस्थिति में जीभ काट देंगे, शरीर काट देंगे, टुकड़े-टुकड़े कर देंगे की धमकी दे रहा है, उसके ऊपर कोई कार्रवाई ना की जाए।
उसको मुकदमा दर्ज होने के बावजूद 10 दिन तक गिरफ्तार ना किया जाए। फिर जिस तरह से गिरफ्तार किया जाए और उसके बाद जिस तरह से घर छोड़ा जाए, यह मानसिकता इस बात को बताती है कि इस तरह के लोगों को अपने वोट बैंक को साधने के लिए कौन आश्रय दे रहा है। समाज यह सब देख रहा है, आने वाले समय में समाज हिसाब करेगा।