4 जून को लोकसभा के नतीजे आरहे थे और उसी दिन स्टॉक मार्किट में भारी गिरावट के समाचार चल रहे थे .शाम होते होते निवेशकों का 30 लाख करोड़ डूब चूका था . राहुल गांधी ने 6 जून को प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि स्टॉक मार्केट की गिरावट का यह इतना बड़ा घोटाला जो अमित शाह , PM मोदी और निर्मला सीतारमण के द्वारा अंजाम दिया गया था .इसको हलके में नहीं लिया जा सकता । राहुल काफी आक्रामक नज़र आये और उन्होंने इसको लेकर तीनो पर बड़ा हमला बोला .
राहुल गाँधी ने इसकी जेपीसी (जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी) से जांच कराने की मांग की है। अब सवाल यह है ऐसा क्या कहा था अमित शाह ने जो एक रात में इतना बड़ा घोटाला हो गया , इसके लिए अमित शाह के साथ इंटरव्यू का ३४ सेकंड का यह वीडियो क्लिप देखें ,,,,
https://www.youtube.com/watch?v=10wEInA0YsQ
राहुल गाँधी ने भारत के स्टॉक मार्किट में होने वाली एक्टिविटी को भारी scandal बताया जिसमें रीटेल इन्वेस्टर का 30 लाख करोड़ का नुकसान बताया गया … इस मुद्दे पर राहुल गाँधी ने बिना वक़्त गँवाए JPC से जांच की मांग कर दी है .और कहा ….
CONGRESS ने जिस STOCK MARKET घोटाले को देश का बड़ा स्कैंडल बाताया उसी को Justify करते हुए भाजपा नेता पीयूष गोयल ने कहा ,एक जून और 4 जून की खरीद फरोख्त से भारतीय निवेशकों को नुकसान नहीं, बल्कि फायदा हुआ है ‘ उन्होंने कहा क्योंकि फिर एक बार मोदी सरकार आ रही है , इस बात से राहुल गांधी परेशान हैं। पियूष गोयल ने कहा स्टॉक मार्किट में लोग निवेश न करें, इसके लिए राहुल ऐसा बोल रहे हैं ।
आपको याद दिलाना ज़रूरी है कि Demonitisation के फायदे भी उछल उछल कर बताये जा रहे थे , लेकिन क्या फायदे हुए और नुकसान कितना हुआ जनता को सब पता है .इसको बार बार दोहराने से क्या फ़ायदा ??? इन 10 वर्षों में जनता समझ गयी होगी की अपने भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए जनता को ही किसी भी चुनाव से पहले अपने विवेक और बुद्धि का सही इस्तेमाल करना होगा और निष्पक्ष भाव से फैसले लेने होंगे अन्यथा जनता को या तो 5 किलो प्याज़ एक सांस में खानी होगी या फिर 500 जूते खाने होंगे . प्याज़ और जूते वाली कहानी तो आपने सुनी होगी …
मुल्क के आज़ाद हो जाने और लोकतंत्र व् संविधान मिल जाने के बावजूद भारत में राजशाही , नौकरशाही और तानाशाही के भारी प्रभाव देखने को मिलते रहे हैं और आज तो लोकतंत्र और संविधान के नाम पर सिर्फ ढोंग है , धोखा है .
अयोध्या में राम भक्तों को ग़द्दार बेवफा और न जाने क्या या कहा जाना बाक़ी रह गया था सो वो भी आपने देख लिया . राम की नगरी में राम लल्ला को ऊँगली पकड़कड़ लाने वाले को अयोध्या के लोगों ने ही नकार दिया . अब इसका देश की जनता को इंतज़ार है कि कृष्ण की काशी में कन्हैया को गोद में कौन लेकर आता है .
फिलहाल स्वार्थ लालच मोह माया की बुनियादों पर तैयार होने वाली हांडी के फूटने का इंतज़ार है जनता को . मगर हमें इंतज़ार है मुल्क में अम्नो अमां , शान्ति , सद्भाव और भाईचारे वाले माहौल का , और एक ऐसी सरकार का जो मुल्क में हाशिये पर पड़े आख़री नागरिक के हितों के बारे में फ़िक्रमंद रहती हो .
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