इस्लामिक सेंटर कि जगह गैर इस्लामिक सेंटर नाम बदलने की भी तजवीज़
इस्लामिक सेंटर चुनाव :नई दिल्ली :// दिल्ली के लोधी रोड स्थित इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर (IICC) के अध्यक्ष पद के चुनावों की फाइनल लिस्ट आज दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस व् ऑब्ज़र्वर तवलीन सिंह ने जारी कर दी।11 अगस्त को iicc के चुनाव के लिए वोट डाले जायेंगे .
याद रहे इंडिया इस्लामिक कल्चर सेंटर के लगभग 2000 मेंबर्स हैं . जिनमें कई बड़े राजनेता , ब्यूरोक्रेट्स , व्यसायी घराने के लोग , आर्टिस्ट , जर्नालिस्ट , अधिवक्ता शामिल हैं . कहा जाता है कि यहाँ से देश के मुसलमानों की राजनितिक दिशा तय की जाती है .
इंडिया इस्लामिक कल्चर सेंटर में पिछले 20 वर्षों से चलने वाले कार्यक्रमों के आधार पर लोगों का मानना है कि इसको या तो शादी घर बना देना चाहिए या गैर इस्लामिक सेंटर इसका नाम रख देना चाहिए . उनका मानना है कि यहाँ से कोई भी इस्लामिक Activity नहीं होती है . मस्जिद जो इस्लाम का बुनियादी मरकज़ है वो बेसमेंट में , उसके ऊपर नाच गाने होते हैं .
Central Hall IICC
तजवीज़ यह भी है कि सेंटर का मरकज़ी हॉल जो गुम्बद के नीचे और एकदम सेंटर में है वहां मस्जिद होनी चाहिए . और वहीँ से मुल्क में अम्न शान्ति , और भाईचारे का पैग़ाम आम होना चाहिए . और बिला तफ़रीक़ इंसानियत की खिदमत का यह मरकज़ होना चाहिए . जो इस्लाम की असल तस्वीर को पेश कर सके .
अब यह लोगों के अपने तजर्बे और Perception के आधार पर बात निकली है, हम इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं . कुछ लोगों का मानना है कि मुसलमानों को कम से कम दिल्ली के VIP इलाक़े में बैठकर बात करने या प्रोग्राम करने का मौक़ा तो मिल जाता है .
यह बड़ी दयनीय स्तिथि है कि इस्लामिक सेंटर को सिर्फ गॉसिप करने का अड्डा समझ लिया गया है .कुछ लोग इसको कबाब सेंटर भी बोलते हैं .
मगर आम लोगों का मानना है कि यहाँ बैठकर लोग सिर्फ Liasoning करते हैं . जो भी होता हो मगर यह तय है कि भारत के मुसलमानो के किसी भी प्रकार का कोई लाभ यहाँ से नहीं हुआ है .
आइंदा भी कोई उम्मीद नज़र तो नहीं आती . इसपर अलग से एक तफ़्सीली रिपोर्ट जल्द बनाएंगे , फ़िलहाल वहां के चुनावी माहौल क्या है इसको देखते हैं .
गौरतलब है कि इस बार अध्यक्ष पद के लिए 7 उम्मीदवारों में पूर्व केंद्रीय क़ानून मंत्री सलमान ख़ुर्शीद, पूर्व इनकम टैक्स कमिश्नर व एडवोकेट अबरार अहमद के साथ कैंसर सर्जन डॉ मोहम्मद माजिद तालिकोटी के नाम शामिल हैं।
IICC Election Mode Salman Khursheed Office
चुनाव की ख़ास बात यह है कि कोर्ट के आदेश के बाद इस बार अध्यक्ष पद के लिए सिराजुद्दीन कुरैशी खुद मैदान में नहीं हैं। बल्कि माजिद तालिकोटी को उन्होंने मैदान में उतारा है। याद रहे डॉ माजिद कैंसर सर्जन हैं और बताया जाता है कि RSS के साथ उनके अच्छे संबंध हैं .
उपाध्यक्ष पद के लिए भी 7 उम्मीदवार मैदान में है। जिसमें प्रोफेसर अफरोज़ुल हक़, अहमद रज़ा, बदरुद्दीन खान व कालीमुल हफीज़ जैसे नाम शामिल हैं।दिलचस्प बात ये हैं कि इस बार बोर्ड ऑफ ट्रिस्टीज़ (BOT) के 7 पदों के लिए नाम वापसी के बाद भी 39 उम्मीदवार चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आज़माएंगे।
IICC Election Mode Dr Majid Supporters
जिसमें सेंटर के पूर्व अध्यक्ष सिराजुद्दीन कुरैशी, पूर्व मानु यूनिवर्सिटी के प्रो-वाईस चांसलर प्रोफेसर खुवाजा शाहिद, पूर्व आईपीएस कमर अहमद, कमाल फ़ारूक़ी तथा महिला उम्मीदवारों में सत्या सिद्दीकी व एफ़ नाज़ जैसे उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
वहीं मेम्बर एक्सक्यूटिव के 4 पदों के लिए 22 उम्मीदवार इस बार चुनावों में ताल ठोकेंगे। जिसमें पहले नम्बर पर ही ओखला स्कूल के पूर्व प्रिंसिपल डॉ अब्दुल नबील सिद्दीकी के अलावा डॉ आज़म बैग, प्रोफेसर शमामा अहमद के अलावा दो महिला उम्मीदवार गुलनार मिर्ज़ा व शाहाना बेगम भी चुनावी मैदान में क़िस्मत आज़मा रहीं हैं।
फ़िलहाल नए पैनल के आने के बाद सेंटर के हालात बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है . जबकि कई फिक्रमंद लोगों का कहना है हालात और बदतर हो सकते हैं .
इस मौक़े पर IICC और मुस्लिम सियासत से जुड़े लोग अपने अपने पैनल के उम्मीदवारों को दुआएं और शुभकामनायें दे रहे हैं . दिल्ली हाई कोर्ट के एडवोकेट व कारवां फाउंडेशन के चेयरमैन और मिल्ली मसाइल पर नज़र रखने वाले नौजवान और तेज़ तर्रार समाज सेवी Advocate रईस अहमद ने सभी उम्मीदवारों को चुनाव के लिए शुभकामनाएं दीं ।
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