……………………….. तो वोट लेने के लिए पैसा साड़ी , जूता और चादर क्यों बांटी थी
तुम वोट दो हम मकान देंगे ,इस नारे के साथ झुग्गी बस्तियों से वोट मानेगा गया था
BULDOZAR ACTION :राजधानी दिल्ली के यमुना पुल और शास्त्री पार्क इलाके में रहने वाले लोगों को घर खाली करने के आदेश दे दिए गए हैं . प्रशासन द्वारा अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत यह निर्णय लिया गया है.
तुम वोट दो हम मकान देंगे ,इस नारे के साथ झुग्गी बस्तियों से वोट मानेगा गया था . अब नज़ारा बिलकुल अलग है . हालाँकि सरकार द्वारा झुग्गी वासियों को विकल्प दिए जाने कि बात कि जा रही है लेकिन वो कब होगा इसका कोई समय नहीं है .
दिल्ली की नई सरकार के इस अभियान के तहत अब दिल्ली की झुग्गी-झोपड़ियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
दिल्लीमें बीजेपी की सरकार के आते ही झुग्गियों को उजाड़ने का काम शुरू किये जाने के बाद, झुग्गी में रहने वाले लोगों का दर्द सामने आया है. एक महिला ने कहा कि सरकार पहले हमें यह बताए कि हम कहां जाएं?
गरीबों को हर इंसान परेशान करता है. यह स्पष्ट है कि इन लोगों की चिंता केवल अपने घरों के लिए नहीं, बल्कि भविष्य के लिए भी है. एक अन्य महिला ने कहा कि चुनाव से पहले सभी राजनीतिक पार्टियां झुग्गियों को न हटाने का आश्वासन देती रही हैं, लेकिन चुनाव के बाद स्थिति बदल जाती है.
एक और झुग्गी निवासी ने सरकार से मांग की है कि उन्हें 3 से 5 लाख रुपये का बिना ब्याज का लोन दिया जाए ताकि वे एक स्थायी जगह ले सकें. महिला ने कहा हम मज़दूरी करके सरकार का लोन चुका देंगे.आखिर हमभी दिल्ली के ही वोटर हैं जो सर्कार चुनते हैं .
इस तरह दिल्ली झुग्गी वासियों का यह प्रयास इस बात का सुबूत है कि लोग अपने जीवन में सुधार लाने के लिए सोचते हैं. सीमा नाम की एक महिला ने कहा कि अगर उनके घर तोड़े जाएंगे, तो वे कहां जाएंगे?
उन्होंने कहा कि हमें 2 मार्च को नोटिस मिला और आज सुबह हमें घर खाली करने को कहा है. हमको समय दिया जान चाहिए और कोई विकल्प भी दिया जाए.
नाम न बताने की शर्त पर एक झुग्गी वासी ने कहा अगर उजाड़ना ही था तो वोट लेने के लिए पैसा साड़ी , जूता और चादर क्यों बांटी थी .
यह स्थिति उन लोगों के लिए अत्यंत चिंताजनक है, जो पहले से ही आर्थिक रूप से कमजोर हैं.और अपने पैतृक गाँवों से भी अपना बेचकर दिल्ली आगये हैं.
सीमा ने कहा कि यदि सरकार को उन्हें हटाने की जल्दी है, तो उन्हें यह बताना चाहिए कि वे कहां जाएं.और यही सवाल उन हज़ारों दिल्ली वासियों का है, जो झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे हैं और उनकी जिंदगी का हर दिन संघर्ष से भरा है.
सरकार द्वारा कहा जाता है कि UNAUTHORISED और अवयवस्थित झुग्गियों और कॉलोनियों की वजह से लॉ एंड आर्डर की स्थिति बनी रहती है साथ ही BUDGET आवंटन और प्रबंधन में दिक़्क़त आती है
इस स्थिति में प्रशासन को संवेदनशीलता दिखाने की आवश्यकता है. यह भी सच है की झुग्गी बस्तियों से वोट लेने की हर पार्टी की कोशिश होती है , उसकी वजह है मतदान ज़्यादतर प्रतिशत में यहीं से होता है .
ऐसे में जिनके वोट से सरकार बनती है फिर वही सरकार उनको उजाड़ती है. यह कितना उचित है आपको भी COMMENT BOX में जाकर बताना है .
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