योगेन्द्र यादव Social Reformer (Bharat Jodo Yatri)
दिल्ली में सिखों के कत्लेआम (1984) के बाद एक रिपोर्ट जारी हुई थी। मानवाधिकार संगठनों पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पी.यू.सी.एल.)और पीपल्स यूनियन फॉर डैमोक्रेटिक्स राइट्स (पी.यू.डी.आर.) के सम्मिलित प्रयास से जारी इस रिपोर्ट ने दिल्ली में हुए नरसंहार का वह सच देश के सामने रखा था जिसे उस वक्त के सत्ताधारी दबाना चाहते थे।

