दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों पर भी बर्बर हमले

Date:

वेदप्रताप वैदिक

आरएसएस भाजपा गैंग वस्तुतः सवर्ण हिंदुओं का धार्मिक सामंती उन्माद है। कारपोरेट ताकतों की मदद से इसने भ्रम फैलाकर देश की राजनीति पर फिलहाल कब्जा कर लिया है।

लेकिन इस सफलता से उत्साहित सवर्ण हिंदुओं का सामंती चरित्र एक नए उन्माद की तरफ स्वाभाविक तौर पर बढ़ रहा है। यह मनुवादी मानसिकता और श्रम व संसाधनों की लूट के प्रयासों के कारण देश के दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों पर भी बर्बर हमले कर रहा है। मुस्लिम और ईसाई समुदाय के लिए तो इसकी नफरत जगजाहिर है।

इससे पहले 1980 के दशक में यही तबका सिखों के खून का प्यासा था। अब चुनावी नजरिये से भाजपा देश मे हिन्दू एकता की चाहे कितनी भी बात कर ले, उसका सवर्ण चरित्र उसे दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्गों से दूर ही रखेगा।

यही कारण है कि मोदी भक्तों का बड़ा हिस्सा आरक्षण के खिलाफ खुलकर सामने आ गया है। एससी-एसटी एक्ट में अचानक इतने बड़े संशोधन को भी इसी पृष्ठभूमि में देखा जाना चाहिए।

मोदीपंथियों ने विगत वर्षों में जिस तरह मुस्लिम और ईसाई समुदाय के खिलाफ अपने भक्तों के दिल और दिमाग मे जहर और नफरत भर दिया है, उसका सीधा प्रभाव दलित, पिछड़े और आदिवासियों के खिलाफ आक्रामकता में भी दिख रहा है। इससे इन वर्गों के लिए मोदीपंथ का असल मतलब समझना आसान हो गया है।

फिलहाल देश में जिस तेजी से दलित, पिछड़े, आदिवासी और अल्पसंख्यक समुदायों के बीच साझा समझ बढ़ रही है, उसे देखते हुए जल्द ही भाजपा का महज मुट्ठी भर सवर्णों तक सीमित रह जाना कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

सोनम वांगचुक की रिहाई लोकतंत्र की जीत

सोनम वांगचूक की रिहाई लद्दाख के संघर्ष और लोकतांत्रिक...

पश्चिम बंगाल, असम समेत पांच राज्यों में चुनाव तारीख़ों का ऐलान आज

पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में विधानसभा...

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई पर दी जानकारी

ईरान के विदेश मंत्री ने नए सुप्रीम लीडर मोजतबा...

Dubai Police Academy to Prepare Elite Police Personnel

Dubai Police Academy to Operate Under New Law Issued...