कांवड़ यात्री अलग अलग घटनाओं को लेकर काफी चर्चा में है , सड़कों पर हुड़दंग की stories ,videos ,pics आप लगातार देख ही रहे हैं .
मसला यह है के इनमें कई कांवड़ यात्री पूरी श्रद्धा ,आस्था और आध्यात्म के साथ अपनी इस यात्रा पर निकले होंगे. मगर वो भी फिलहाल उन्हीं कांवड़ उपद्रवियों में शामिल कर लिए गए हैं जिनकी पहचान CM योगी के CCTV footage ने कर ली है ….. योगी ने क्यों बताया कांवड़ियों को उपद्रवी , क्या है इसकी हकीकत आगे हम आपको बताएँगे .
कावड़ यात्रा भारत की संस्कृति और धार्मिक विरासत का हिस्सा है और देवभूमि से इसका पुराना रिश्ता है .उत्तराखंड प्राचीन काल से ही देवों की भूमि है और ख़ास तौर से शिव भगवान से उत्तराखंड की पहचान हिन्दू धार्मिक ग्रंथों में दर्शाई गई है .
उत्तराखंड के देहरादून में कावड़ यात्रा के बीच उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक जंगली हाथी अचानक सड़क पर बेकाबू हो गया और भारी उत्पात मचाने लगा।
यह भयानक हादसा देहरादून हरिद्वार रोड पर देर रात में मणिमाई मंदिर के पास शनिवार की आधी रत को हुआ । इस हाथी का ज़िक्र हम क्यों कर रहे हैं , क्योंकि ये हाथी केवल जंगली जानवर ही नहीं था बल्कि उनको भगवान शिव की तरफ से भेजा गया था.हिन्दू मान्यताओं के अनुसार गणेश जी को शिव-पार्वती का छोटा पुत्र माना जाता है .
भगवान् शिव के नाम पर निकाली जाने वाली पावन यात्रा में भोले के नाम पर अश्लील गानों पर भांगड़ा और DJ की दिल दहलाने वाली आवाज़ें भोले शिव को भी पसंद नहीं आई
तभी उन्होंने अपने पुत्र गणेश को भेजा और देईवाला टोल प्लाजा के पास एक ट्रैक्टर ट्रॉली को पलट दिया। इसके बाद आसपास खड़ी दर्जनों मोटर साइकिलों को भी पटक-पटक कर तोड़ डाला। गणेश अति क्रोधित थे घटना स्थल पर मौजूद कावड़ यात्री डर के मारे इधर-उधर भागने लगे।
अब देहरादून में मणिमाई मंदिर के आस पास जो कुछ हुआ उसे महज एक हाथी का हमला कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। दरअसल यह घटना हमारे समाज की उस गूंगी संवेदनशीलता को आईना दिखा रही थी जो धार्मिक आस्था के नाम पर कानून, पर्यावरण और आम जनता की शांति को कुचल देने पर उतारू है।
श्री राम , भगवान शिव , मानस पुत्र गणेश और पवन पुत्र हनुमान के नाम पर आतंक,उन्माद और अधर्म को जब वो देखते होंगे तो स्वाभविक ही क्रोधित होते होंगे .
लोग सवाल कर रहे हैं भोले शिव के भक्तों पर मानस पुत्रगणेश ने अचानक हमला क्यों किया ? और इनको गुस्सा क्यों आया? दरअसल मणिमाई मंदिर के पास जब कावड़ियों का भंडारा चल रहा था तब वहां डीजे की तेज़ आवाज़ पर सैकड़ों बेसुद्ध कांवड़ियों की भीड़ का नाच गाना हो रहा था।
और यह सब उस जंगल क्षेत्र के बिल्कुल पास हो रहा था जहां अक्सर माँ पारवती के पुत्र गणेश की आवाजाही होती है। यूँ तो जंगल के सभी जानवर शोरशराबे से बहुत बचते हैं और रात को सिर्फ नींद लेने में गुज़ारते हैं .
मगर ख़ास तौर से गणेश (यानी हाथी ) सुकून , अमन और मस्ती को पसंद करता है उसको ज़रा भी शोरशराबा पसंद नहीं है और न ही अधर्म को वो पसंद करते हैं . लेकिन कांवड़ियों का यह शोरशराबा, फुटपाथ और सड़कों पर अवैध कब्जा , ट्रैफिक ब्लॉकेज , सड़कों पर आमजन के साथ उपद्रव ,,,,गणेश जी को पसंद नहीं आया इसलिए उन्होंने पलटवार कर दिया।
कई धार्मिक पंडितों ने बताय कि ये सांकेतिक था या सूचना भर था अगर भक्ति या धर्म के नाम पर पाखण्ड बंद न किया गया तो धरती पर प्रलय की पुनरावृत्ति हो सकती है .
और बेकाबू हाथी की तोड़फोड़ सामाजिक चेतावनी की यह एक प्रतीकात्मक घटना थे जिसका मतलब है कि…. जब इंसान अपनी सीमायें लांघता है तो प्रकृति भी पलट कर जवाब देती है ।और वो बहुत तबाहकुन होती है . यानी जैसे तुम्हारे कर्म ऊपर जाते हैं वैसे ही क़ुदरत के फैसले धरती पर उतारते हैं.
सोशल मीडिया पर भी इस घटना के बाद प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। एक यूजर ने लिखा शिवजी के नाम पर हंगामा करने वाले कावड़ियों को उनके बेटे गणेश जी ने खुद आकर सबक सिखाया।
क्योंकि योगी सरकार का पूरा तंत्र तो पुष्प वर्षा में व्यस्त है , भोले की सेवा में विलीन है और होना चाहिए मगर अपनी संवैधानिक ड्यूटी को पूरी करते हुए हो तो ज़्यादा बेहतर है .और यह तंज नहीं सच्चाई है।
पूरे देश में हर बार की तरह इस बार कुछ ज़्यादा ही ,,,, कावड़ यात्रा जगह जगह धार्मिक आयोजन की जगह अनुशासन हीनता, अधर्म और उपद्रव का प्रदर्शन बनकर सामने आई। जिससे कई श्रद्धालुओं और हिन्दू परम्पराओं से प्रेमकरने वालों का मोह भंग हुआ .
अश्लील गानों पर नाचते, ट्रैफिक बाधित करते ,यात्रियों और स्थानीय लोगों से भिड़ते कावड़ियों की वीडियो रोज वायरल हो रही है। और बकौल cm योगी के कि ये उपद्रवी हैं । हद तो उस वक़्त हो गई जब CRPF के जवान पर कांवड़ियों ने हमला कर दिया.
जगह जगह आम नागरिकों को रास्ता बदलना पड़ा , कई Roots अचानक बदल दिए गए , दूर दराज़ से आने वाले trucks Drivers में भारी ग़ुस्सा देखने को मिला और दुकानदारों को अपनी दुकानें बंद करनी पड़ी।
इस बीच CM योगी के इस बयान को याद रखना ज़रूरी है की सड़कों पर अनुशासन हिन्दुओं से सीखा जाए ….क्या आप इन उपद्रवियों को हिन्दू नहीं कहेंगे योगी जी जो अनुशासनहीनता की चार्म पर हैं ??
क्या हिन्दू उपद्रवी होते हैं …. बिलकुल नहीं बल्कि उपद्रवी का कोई मज़हब नहीं होता लेकिन वो हर धर्म में पाए जाते हैं … संख्या में काफी कम होते हैं मगर यूनाइटेड हैं और uniformed होते हैं इसलिए ज़्यादा दीखते हैं
कांवड़ यात्रियों पर मेरठ और मुज़फ्फरनगर पुष्पवर्षा करने पहुंचे CM योगी ने शिव यात्रा के दौरान सड़कों पर उपद्रव मचाने वालों उपद्रवियों के बारे में क्या कहा ज़रा सुन लेते हैं ….
अब एक तरफ मुख्यमंत्री कह रहे हैं की ऐसे उपद्रवियों को अपने बीच में घुसने न दें और उनके बारे में तत्काल पुलिस प्रशासन को सूचना दें … मान्यवर योगी जी ,,,,, उपद्रव तो पुलिस कर्मीयों की मौजूदगी में ही हो रहा है …
ऐसे में अब यह बताये सड़क पर पिटने , भटकने और परेशान होने वाला आम नागरिक जो Actually पीड़ित है और सड़क का Tax आपकी सर्कार को देकर रोड पर चल पा रहा है वो किसको सूचना दे ? वो किस्से इन्साफ मांगे ?
क्योंकि आप तो उन्ही उपद्रवियों का स्वागत कर रहे हैं फूलों की वर्षा कर रहे हैं…. आपने भोले के सच्चे श्रद्धालुओं से उन उपद्रवियों को अलग तो नहीं किया ,फूल बरसते समय आपने यह तो नहीं कहा की जो हमारे CCTV कैमरे में उपद्रव मचाते दिख रहे हैं वो अलग हो जाएँ ,,,
इसलिए वो समझ गए की हमारा सम्मान हो रहा है उनका मनोबल बढ़ गया जबकि लाखों श्रद्धालु आपके स्वागत से महरूम रह गए … और जनता ने भी समझ लिया आप क्या चाह रहे हैं …
CM योगी ने कहा की इन उपद्रवियों की पहचान कर ली गई है और यात्रा संपन्न होने के बाद उनके पोस्टर चस्पां किये जायेंगे . सवाल यह है की जब आपके पास उपद्रवियों के CCTV footage मौजूद हैं तो यात्रा के संपन्न होने का इंतज़ार क्यों ???सजा उनको अभी क्यों नहीं ???
चलिए जनता इंतज़ार कर लेती है उस दिन का जब उपद्रवियों के पोस्टर लगाए जायेंगे और उनको सजा दी जाएगी ….और इंतज़ार उस दिन का भी
जब ताज उछाले जाएंगे ..सब तख़्त गिराए जाएँगे
हम महकूमों के पाँव-तले
जब धरती धड़-धड़ धड़केगी
और अहल-ए-हकम के सर-ऊपर
जब बिजली कड़-कड़ कड़केगी
वैसे पोस्टर तो पहलगाम के आतंकियों के भी लगाए गए थे जो Actual आतंकियों के थे ही नहीं , जो सिर्फ दिल बहलाने के लिए थे …. मोदी जी ने भी उनको सजा देने की बात कही थी तो अभी तक पहलगाम के आतंकियों को तो सजा नहीं मिली है अलबत्ता Air Strike करके आतंकियों के अड्डे ध्वस्त कर दिए गए ऐसा TV पर बताया गया था .
क्या आप भी अपने Buldozer से पावन शिव यात्रा में विघ्न डालने वाले उपद्रवियों के घरों को ध्वस्त करेंगे ??? हमारी राये है बुलडोज़र तो आप किसी और के लिए ही रखें इनको तो खुल्ला ही घूमने दें शायद चुनाव में काम आएं .
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