महाराष्ट्र में सियासी संकट बाद सुप्रीम कोर्ट में टीम शिंदे और उद्धव खेमे द्वारा दायर याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई हुई. विधायकों की अयोग्यता को लेकर दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए CJI एनवी रमन्ना ने कहा कि विधायकों की अयोग्यता पर फिलहाल स्पीकर फैसला नहीं लेंगे.
सीजेआई की टिप्पणी के बाद उद्धव खेमे की ओर से वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी, कि 39 विधायकों की अयोग्यता के मामले पर सुनवाई को सुप्रीम कोर्ट ने 27 जून के बदले 11 जुलाई को कहने को कहा था. पर ये आज भी नहीं हुआ. सीजेआई ने कहा कि स्पीकर को सूचित करें कि विधायकों के खिलाफ कोई एक्शन या सुनवाई अभी न करें. कोर्ट में फैसला आने तक इसे स्थगित रखा जाए.
इधर, गवर्नर की ओर से तुषार मेहता ने दलील रखी. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिया कि वो स्पीकर को इस बाबत जानकारी दे देंगे. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने दोनों गुटों के विधायकों पर अयोग्यता की कार्यवाही पर रोक लगायी है.
महाराष्ट्र विधानसभा के प्रधान सचिव राजेंद्र भागवत ने अदालत में जवाब दाखिल किया. कहा कि 3 जुलाई को राहुल नार्वेकर को विधानसभा अध्यक्ष चुना गया है. अब उन्हें अयोग्यता का मसला देखना है. ऐसे में डिप्टी स्पीकर की तरफ से भेजे नोटिस को चुनौती देने वाली विधायकों की याचिका का अदालत निपटारा कर दे और नए स्पीकर को अयोग्यता पर फैसला करने दें.
Times Of Pedia Times of Pedia TOP News | Breaking news | Hot News | | Latest News | Current Affairs

