चीन का भारतीय भूभाग पर क़ब्ज़े के खिलाफ याचिका रद्द , क़ानून मंत्री ने किया स्वागत

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वे लोग जो हर समय बिना किसी प्रतिबंध के प्रधानमंत्री को गाली देते हैं, वे अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर रो रहे हैं : कानून मंत्री

अगर मैं एक सार्वजनिक चौक पर खड़ा होकर कहूं कि मुझे प्रधानमंत्री का चेहरा पसंद नहीं है, तो मुझ पर छापा मारा जा सकता है:न्यायमूर्ति

नई दिल्ली :TOP Bureau // कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय के एक कथित फैसले का स्वागत किया जिसमें चीन के साथ लगी सीमा पर भूभाग के नुकसान के बारे में जानकारी देने के लिए केंद्र को निर्देश देने का अनुरोध करने वाली याचिका को खारिज कर दिया गया है .

” दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी.एन. श्रीकृष्ण ने एक राष्ट्रीय दैनिक को दिए इंटरव्यू में अभिव्यक्ति की आजादी के हनन पर टिप्पणी की, जिस पर कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. पूर्व न्यायमूर्ति श्रीकृष्ण ने कहा,देश में आज, चीजें बहुत खराब हैं. यह कबूल करना होगा.

न्यायमूर्ति ने कहा अगर मैं एक सार्वजनिक चौक पर खड़ा होकर कहूं कि मुझे प्रधानमंत्री का चेहरा पसंद नहीं है, तो मुझ पर छापा मारा जा सकता है, मुझे गिरफ्तार किया जा सकता है, मुझे बिना कारण बताए जेल में डाला जा सकता है. अब यह ऐसी चीज़ें हैं जिसका हम सभी नागरिकों को मिलकर विरोध करना चाहिए. ”

आपको बता दें उच्चतम न्यायालय ने चीन के साथ लगी सीमा पर भूभाग के नुकसान के बारे में जानकारी देने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश देने के अनुरोध वाली एक याचिका को खारिज कर दिया था .आपको यह भी बता दें की चीन द्वारा भारतीय भूभाग पर क़ब्ज़ा किये जाने की बात सार्वजानिक मैचों से देश की विपक्षिये पार्टियां करती रही हैं , और यह देश की सम्प्रभुता या अखंडता से जुड़ा मुद्दा नहीं है

SC द्वारा याचिका को खारिज किये जाने के बाद रिजिजू ने शनिवार को एक ट्वीट में कहा, वे लोग जो हर समय बिना किसी प्रतिबंध के लोकप्रिय निर्वाचित प्रधानमंत्री को गाली देते हैं, वे अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर रो रहे हैं. वे कभी भी कांग्रेस पार्टी द्वारा लगाए गए आपातकाल के बारे में बात नहीं करेंगे और न ही कुछ क्षेत्रीय पार्टी के मुख्यमंत्रियों की आलोचना करने की हिम्मत करेंगे.

रिजिजू ने ट्विटर पर लिखा, ‘उच्चतम न्यायालय बिल्कुल सही है. ऐसे मामलों को उच्चतम न्यायालय में नहीं लाया जाना चाहिए. सरकार को ऐसे मामलों से निपटना है और नागरिकों को संवेदनशील जमीनी हकीकत के बारे में भारतीय सेना पर भरोसा करना चाहिए.’

रिजिजू अरुणाचल प्रदेश से लोकसभा सदस्य हैं. उन्होंने सर्वोच्च अदालत के फैसले के संबंध में एक समाचार रिपोर्ट को टैग भी किया.

 

 

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