आर्थिक तंगी से उपजे तनाव और आत्महत्या की घटनायें

गिरीश मालवीय लॉकडाउन ने भारतीय परिवारो की बचत को ध्वस्त कर दिया है, सबसे बुरी हालत…

आप भी चुप हैं ? अगला नम्बर आपका है

उमर गौतम की गिरफ़्तारी भारत के संविधान का मज़ाक़ है। गौतम की गिरफ़्तारी पर हमारा रद्दे-अमल…

और नरेंद्र मोदी का विकल्प होंगे ?

क्या 2024 के आम चुनाव में भाजपा का विकल्प कांग्रेस होगी? लंबे समय से देश के…

गैंग सदस्यों का PM निवास पर स्वागत ?

दूरियां नज़दीकियां बन गईं ,कल तक जो देश के बाग़ी थे , अचानक उनके साथ नज़दीकियों…

” क्या तीसरा मोर्चा : प्रधानमंत्री बनने के लिए शरद पवार का आखिरी दांव है?

एक बार फिर से देश में केंद्र की सत्ता के खिलाफ तीसरा मोर्चा खड़ा करने की…

ख़िदमते-क़ौमो-वतन ही थी सियासत भी कभी

(वक़्त आ गया है कि समाज सेवी उठें और राजनीति में शामिल होकर संसाधनों का सही…

क्या संविधान की रक्षा करना अपराध है ?

देशभक्ति की परिभाषा बदलने में दुश्मन का है बड़ा रोल देश के बहु चर्चित अम्बेडकरवादी अधिवक्ता…

अमल से फ़ारिग़ हुआ मुसलमाँ बना के तक़दीर का बहाना

(तक़दीर का दख़ल उन मामलों में होता है जहाँ इंसान को इख़्तियार और आज़ादी न हो)…

दहेज एक , मसले अनेक

दोस्तों आम तौर पर दहेज को एक बीमारी समझा जाता है जबकि हम आपको आज बताएँगे…

अख़लाक़ से गिरी हुई जनता और शासक किसी देश को विश्व गुरु नहीं बना सकते

इस महामारी के दौरान अमानवीय घटनाओं ने भारत को दुनिया के सामने ज़लील कर दिया है