Editorial & Articles

वादों का चमन ,और कमज़ोर काँधे पर रखी लाश

देश दुनिया  में सरकारी नातियों और योजनाओं का भले ही प्रचार जमकर होता हो मगर धरातल पर हालात कुछ विपरीत ही होते हैं ,मिसाल...

रेअर नहीं हैं “मंदसौर” जैसी घटनायें

जावेद अनीस हाल के दिनों में गौरक्षा के नाम पर दलितों और अल्पसंख्यकों पर हमले और उन्हें आतंकित के मामले बढ़े हैं. इसी कड़ी में...

भूमंडलीकृत दुनिया में बच्चे

  जावेद अनीस यह वैश्वीकरण का दौर है जहाँ पूँजी को दुनिया भर में विचरण करने की छूट है लेकिन इससे बनायी गयी संपदा पर चुनिन्दा...

इन्साफ करो , हमें डर है कहीं वो बाग़ी न हो जाए

तहरीक इ आज़ादी के जान बाज़ सिपाहियों ने अपनी जान की परवाह किये बग़ैर अँगरेज़ सम्राज्येवादी शासन को न सिर्फ लोहा दिया बल्कि आज़ादी...

शायद इंतज़ार है नेता को फिर किसी हादसे का .

खामोश अपने कमरे में सत्ता के लालच की लम्बी लकीर खींच रहे नेता जी , फिर किसी हादसे का इंतज़ार कर रहे थे!अचानक फ़ोन...

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