Editorial & Articles

भारत माता की जय बोलूं ? या नारा लगाऊं आज़ादी ?

झूट कहूँ तो लफ़्ज़ों का दम घुटता है-सच बोलूं तो लोग ख़फ़ा होजाते हैं माना के अभी तेरे मेरे इन अरमानों की, कीमत कुछ नहीं मिट्टी...

हिटलरशाही हारेगी देश जीतेगा

क्या आपको याद है कि पिछली बार जब भाजपा गठबन्धन सत्ता में था, तब उसने “इंडिया शाइनिंग” का शगूफा छेड़ा था? कुछ ही हफ्तों...

वोट बटोरने की कला ,मदारीपन और संवैधानिक ज़िम्मेदारी

देश के पांच राज्यों में चुनावी गहमा गहमी ज़ोरों पर है ,हरेक पार्टी व प्रत्याशी अपने ढंग से मतदाताओं को लुभाने की कोशिश में...

“कांग्रेसी छाप”  बजट

  जावेद अनीस   2014 में नरेंद्र मोदी बदलाव के नारे के साथ सत्ता में आये थे और जनता को भी उनसे बड़ी उम्मीदें थीं. लेकिन तीन...

मुल्ज़िम भगवा था,मुजाविर क्यों बना मुजरिम ?

झूट कहूँ तो लफ़्ज़ों का दम घुटता है --सच बोलूं तो लोग खफ़ा होजाते हैं  ॥ भगवा रंग या केसरिया रंग शक्ति का प्रतीक है...

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