बिहार विधानसभा चुनाव 2025: सत्ता परिवर्तन का संकेत

Date:

सत्ता परिवर्तन की संभावना का संकेत: बिहार में रिकॉर्ड वोटिंग ने बढ़ाई सियासी हलचल, सत्ता पलट का इतिहास फिर दोहराएगी जनता?

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में गुरुवार को 121 सीटों पर मतदान हुआ, और इस बार राज्य के मतदाताओं ने इतिहास रच दिया है। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक 64.69 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई — जो पिछले चुनाव की तुलना में लगभग साढ़े आठ प्रतिशत अधिक है

दिलचस्प बात यह है कि बिहार में हर बार जब वोटिंग पांच प्रतिशत या उससे अधिक बढ़ी है, सत्ता परिवर्तन हुआ है। यही कारण है कि इस बार का रिकॉर्ड मतदान न सिर्फ उत्साहजनक माना जा रहा है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में इसे ‘सत्ता पलट का संकेत’ भी समझा जा रहा है।

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर वोटिंग संपन्न हो गई है। 1314 उम्मीदवारों की किस्मत अब ईवीएम में बंद हो चुकी है।

गुरुवार को मतदाताओं में जबरदस्त जोश देखने को मिला। आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 64.69 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया — जो पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में करीब साढ़े आठ प्रतिशत अधिक है।

राज्य में इतनी बड़ी संख्या में लोगों के मतदान केंद्रों तक पहुंचने को जनता के उत्साह और राजनीतिक बदलाव की संभावना दोनों के रूप में देखा जा रहा है। अब निगाहें 2025 के इस चुनावी नतीजे पर टिकी हैं कि क्या यह बढ़ी हुई वोटिंग एक बार फिर सत्ता परिवर्तन की भूमिका तैयार करेगी?

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान इस बार अभूतपूर्व माना जा रहा है। राज्य के चुनावी इतिहास में पहली बार इतनी उच्च स्तर की वोटिंग दर्ज की गई है। चुनाव आयोग के अनुसार, गुरुवार को हुए पहले चरण में 18 ज़िलों की 121 सीटों पर कुल 64.69 फ़ीसदी मतदान हुआ — जो अब तक का सर्वाधिक है।

साल 2020 के विधानसभा चुनाव में पहले चरण में 56.1 प्रतिशत वोटिंग हुई थी, लेकिन तब केवल 71 सीटों पर मतदान हुआ था। इस बार सीटों की संख्या बढ़कर 121 हो गई है, और मतदान में करीब साढ़े आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

ज़िलावार आंकड़ों के अनुसार, मुज़फ़्फ़रपुर (70.96%) और समस्तीपुर (70.63%) में सबसे ज़्यादा वोटिंग हुई, जबकि पटना (57.93%) में सबसे कम मतदान दर्ज किया गया। इसके अलावा वैशाली में 67.37%, मधेपुरा में 67.21%, सहरसा में 66.84%, खगड़िया में 66.36%, लखीसराय में 65.05%, मुंगेर में 60.40%, सीवान में 60.31% और नालंदा में 58.91% वोटिंग दर्ज की गई।

इतिहास गवाह है कि बिहार में जब-जब मतदान का प्रतिशत पाँच फीसदी से अधिक बढ़ा है, तब-तब सत्ता परिवर्तन देखने को मिला है। ऐसे में यह रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग न केवल जनभागीदारी का संकेत है, बल्कि आने वाले नतीजों के लिए राजनीतिक हलकों में नई हलचल भी पैदा कर रही है।

अगले चरण में वोटिंग प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद के साथ वोटर का मन भी तब्दील होने का पूरी सम्भावना है , कुल मिलाकर बिहार में सत्ता परिवर्तन का ऐलान जनता ने कर दिया है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

17 + 12 =

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

आंगनबाड़ी से 10 हजार रुपये मांगने का आरोप, सीडीओ पर कार्रवाई

edited: Mukesh Yadav उत्तर प्रदेश के Etah से जुड़ा एक...

Trump says war Will End Soon

Edited by: Maroof Raza Iran War Updates: Trump Predicts Conflict...

विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में लगभग...

बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें योगी आदित्यनाथ: नीलम यादव

प्रेस विज्ञप्ति अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला सुरक्षा को लेकर...