अपराध मुक्त भारत ने मूड खराब कर दिया, ज्ञानेश कुमार की Press कॉन्फ्रेंस से पीछा नहीं छूटा था ….!!
130th constitution amendment bill रही सही कसार निकाल दी
तारिख थी २० अगस्त ,संसद के मानसून सत्र का बहुत ख़ास दिन था .हालाँकि यह दिन कांग्रेस पार्टी के द्वारा विशेष आयोजन का था । देश भर में पार्टी सदस्य अपने पूर्व नेता राजीव गांधी के जन्म दिन के अवसर पर उनको श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहे थे .
दूसरी तरफ सदन में 130 वां संशोधन विधेयक पेश किया जा रहा था .अमित शाह द्वारा सदन में प्रस्तुत विधेयक में कहा गया कि यह बिल …..दाग़ी प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के उन मंत्रियों को पद से हटाने के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करेगा, जिन्हें गंभीर आपराधिक आरोपों के कारण गिरफ्तार किया गया और 30 दिन हिरासत में रखा गया है। इस विधेयक को संसद की संयुक्त समिति को भेजने का प्रस्ताव भी पारित कर दिया है। अब ज़रा इस विधेयक के पीछे की मंशा को समझते हैं .
इससे पहले यह बताएं दोस्तों !! क्या आपको पता है की आज की तारिख में सदन में कितने दाग़ी MPs बैठे हुए हैं ? और ज़ाहिर है उन्हीं में से कई मंत्री की कुर्सियों पर भी ब्राजमान हैं . इसके बारे में जानकारी देना हम ज़रूरी समझते हैं….
इसलिए यह जानना बहुत दिलचस्प होगा कि 2009 से 2024 तक दाग़ी सांसदों की संख्या 124% तक बढ़ी है .2024 में 18वीं लोकसभा के लिए चुने गए 543 सांसदों में से 251 यानी 46% पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। इनमें से 27 सांसदों को अलग-अलग अदालतों से दोषी भी करार दिया जा चुका है।यानो वो सर्टिफाइड मुजरिम हैं , अब इसपर आप ध्यान दें…… कि लोकसभा में बड़ी संख्या दाग़ी सदस्यों की है और खुद सत्तापक्ष के सदस्यों की संख्या ६० से ऊपर है .
एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स यानी (एडीआर) की रिपोर्ट के मुताबिक भारत की संसद में दागी सांसदों का यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले 2019 में क्रिमिनल केस वाले 233 यानी (43%) सांसद लोकसभा पहुंचे थे।
नए चुने गए 251 सांसदों में से 170 पर बलात्कार, हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे संगीन केस दर्ज हैं। इनमें भाजपा के 63, कांग्रेस के 32 और सपा के 17 , तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 7, DMK 6, तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के 5 और शिवसेना के 4 सांसदों के नाम शामिल हैं। इन सांसदों में ऐसे भी शामिल हैं जिनपर 45 , 47 और 88 मुक़द्दमे आपराधिक मामलों के दर्ज हैं।
ऐसे में अपराध से छुटकारा दिलाने की बात हो रही है .. कितना हास्यास्पद है ??? लेकिन अपराध मुक्त संसद अगर बन जाए तो देश संवर जाएगा मगर विडंबना यह है कि Corruption Free संसद का शुभारम्भ करने वालों के दामन दागदार है .
क़ातिल ने अपना दामन फिर क्यों सफ़ा किया –
उस को ख़बर नहीं कि लहू बोलता भी है !!!
यह विधेयक जिस रास्ते से लाया गया उसके टाइमिंग और पसमंज़र पर भी एक नज़र डाल लेते है …
वर्तमान प्रधानमंत्री का Retirement सितम्बर में होने जा रहा है … इसके फ़ौरन बाद वो राष्ट्रपति पद हासिल करना चाहते हैं … सवाल यह है कि क्या साहिब ऐसा राष्ट्रपति बनना मंज़ूर होगा जिसे प्रधानमंत्री के हुक्म का मोहताज रहना पड़े …
ज़ाहिर है आजका अपाहिज राष्ट्रपति पद साहिब को मंज़ूर नहीं होगा उनको मुसोलोनी या हिटलर वाला राष्ट्रपति पद चाहिए होगा .अगर यह विधेयक पास हुआ तो देश में राष्ट्रपति शासन होगा क्योंकि आधे सांसद और मंत्री और मुख्यमंत्री तो जेल में होंगे ……
और बस उसके बाद गुजरात की जोड़ी का एक बार फिर देश पर राज होगा … ये खुआब शर्मिंदा है जो ताबीर नहीं हो सकता . यह कल्पमनात्मक बातें हैं जो हकीकत से काफी दूर हैं . सच्चाई यह है कि वक़्त बदल रहा है , और सत्ता भी बदलेगी और अभी बचे खुचे लोकतंत्र में जनता ही निज़ाम को बदलेगी.
इस विधेयक को लाने के पीछे जो आधार बताया गया वो पिछले साल दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के जेल से सर्कार चलाने को बताया जाता है । सरकार का कहना है कि अगर विपक्ष इस बिल का विरोध करता है तो यह माना जाएगा कि विपक्ष जेल से सरकार चलाने का हामी है यानी दाग़ी नेताओं का समर्थन करता है. …
सत्तापक्ष की तरफ से इस बिल के ज़रिये राजनीति से करप्शन खत्म करने का तर्क दिया जा रहा है. अगर सत्तपक्ष वास्तव में भ्रष्टाचार मुक्त सदन बनाना चाहता है तो बुनियादी तौर पर किसी भी क्रिमिनल या दाग़ी व्यक्ति को अयोग्य क़रार देकर नामांकन ही न भरने दिया जाए .और ग्राम पंचायत से लेकर लोकसभा तक यही प्रक्रिया हो. इसके बाद इस बिल की जरूरत ही नहीं पड़ेगी ..लेकिन ऐसा नहीं किया जाएगा हम यह अच्छी तरह जानते हैं , क्योंकि आजकी राजनीती की ईमारत भ्रष्टाचार , अत्याचार , धोखेबाज़ी, तिकड़मबाज़ी , चार सो बीसी , पुलिस दलाली , नमक हरामी और देश से बग़ावत पर टिकी हुई है , इसके सैकड़ों प्रमाण मौजूद हैं …..
देश में free and Fair चुनाव के लिए पहले election commision उसके बाद Constitution के custodian यानी Supreme Court ही को संविधान और लोकतंत्र को बचाने की ज़िम्मेदारी अपने हाथ में लेनी होगी .
इसके लिए दोनों ही संस्थानों को Corruption Free होना पड़ेगा इसके बाद बाक़ी लोकतंत्र के बाक़ी संस्थान Corruption Free हो जाएंगे. इसके बाद कुछ उम्मीद मीडिया से थी मगर लिखने वाले क़लम और बोलने वाली ज़बान ही बिक जाए तो फिर 5 किलो राशन वाली 85 करोड़ जनता और दाग़ी नेताओं से क्या शिकायत की जाए .
इसे कहिये वजहे सुरूर क्या वो विरासतों पे ग़ुरूर क्या
जो डगर मिली वो लूटी हुई जो दिया मिला वो बुझा हुआ
वो जो ख्वाब थे मेरे जहन में ना मैं कह सका न मैं लिख सका
जो जुबां मिली तो कटी हुई जो क़लम मिला वो बिका हुआ (इक़बाल अशहर)
आपको याद है साहब को उनके ही गुरु ने कहा था ऐक अच्छा event manager है हमारा शिष्य … वही शिष्य आजकल Private Limited Company के Chief Event Officer बने हुए हैं. कल झूठ बोलकर किस गली से अपना झोला उठाकर निकल जाएँ कह नहीं सकते .
बक़ौल राहत इंदौरी के …
मेरा ज़मीर मेरा ऐतबार बोलता है,
मेरी जुबान से परवरदिगार बोलता है
कुछ और काम तो जैसे उसे आता ही नहीं,
मगर वह झूठ बहुत शानदार बोलता है….
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