By mukesh kumar
सरकार ने टोल शुल्क नियमों में संशोधन किया, नॉन-FASTag वाहनों पर बढ़ा चार्ज
यदि आप के पास Fastag रिचार्ज नहीं है तो अब सड़क पर चलने पर भारी जुर्माना, नए भारत के सड़कों पर चलना होगा ध्यान से
सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दर निर्धारण और वसूली) नियम, 2008 में संशोधन करते हुए ऐसे चालकों पर नए दंड लगाए हैं, जिनके पास वैध FASTag नहीं होगा।
संशोधित नियमों के तहत, यदि कोई वाहन बिना चालू FASTag के टोल प्लाज़ा पर प्रवेश करता है और नकद भुगतान करता है, तो उससे सामान्य शुल्क से दोगुना वसूला जाएगा।
वहीं, जो वाहन चालक यूनिफ़ाइड पेमेंट इंटरफ़ेस (UPI) से भुगतान करेंगे, उनसे उनकी श्रेणी के मानक टोल दर का 1.25 गुना शुल्क लिया जाएगा।
ये बदलाव अगले महीने की 15 तारीख से लागू होंगे।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, इस संशोधन का उद्देश्य शुल्क वसूली की दक्षता बढ़ाना, पारदर्शिता लाना और राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा को अधिक सुगम बनाना है।
मंत्रालय का दावा है कि यह कदम डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करेगा और समग्र रूप से उपयोगकर्ताओं के अनुभव को बेहतर बनाएगा — हालांकि नॉन-डिजिटल या नकद भुगतान पर निर्भर यात्रियों पर बढ़े हुए आर्थिक बोझ से सभी यात्रियों के लिए सुगमता और न्यायसंगतता पर सवाल उठ रहे हैं।