edited: Mukesh Yadav
उत्तर प्रदेश के Etah से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें जिले के मुख्य विकास अधिकारी Nagendra Narayan Mishra कथित तौर पर पैसों की व्यवस्था करने की बात करते हुए सुनाई दे रहे हैं।
वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि बातचीत के दौरान अधिकारी वित्तीय “व्यवस्था” करने की चर्चा कर रहे हैं, जिससे सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
हालांकि, इस वीडियो की सत्यता को लेकर आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। विपक्षी दलों और कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
वायरल वीडियो में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) Nagendra Narayan Mishra को डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर Sanjeev Pachauri से बातचीत करते हुए सुना जा सकता है। कथित तौर पर वह कहते हैं, “हर आंगनबाड़ी से 10 हजार रुपये चाहिए। आप अपने आदमी हैं पचौरी, पैसे दिलवाइए।”
हालांकि, संजीव पचौरी ने इस कथित मांग को साफ़ तौर पर ठुकरा दिया और किसी भी तरह के पैसों के लेन-देन में शामिल होने से इनकार कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया है और प्रशासनिक हलकों में खासी हलचल मच गई है।
बताया जा रहा है कि नागेंद्र नारायण मिश्रा ग्राम्य विकास सेवा से पदोन्नति पाकर बीडीओ से सीडीओ बने थे। मामला तूल पकड़ने के बाद यह सीधे शासन तक पहुंच गया।
इस पूरे प्रकरण पर कार्रवाई करते हुए Keshav Prasad Maurya ने बताया कि सीडीओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उन्हें मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।