ममता ने योगी को लगाई लताड़,”बोली बनाम गोली ” पर जताया खेद , और देश के लिए इस प्रकार के बयानों को बड़े खतरे से जोड़ा

सीएम योगी ने दिल्ली में एक रैली के दौरान सांप्रदायिक बयान देकर प्रदूषित किया माहौल ,कहा जो लोग कांवरियों पर हमला करेंगे, उन्हें पुलिस की गोलियों का सामना करना पड़ेगा, हमला कावड़ियों ने किया इसका तो प्रमाण है किन्तु कावड़ियों पर हमले का कोई सबूत नहीं
कोलकाता:TOP BUREAU// पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ की ‘गोली बनाम बोली’ संबंधी टिप्पणी की आलोचना करते हुए सोमवार को कहा कि “संवैधानिक पदों पर बैठे लोग नफरत फैलाने में व्यस्त हैं ,और यही है बीजेपी का मास्टर स्ट्रोक .ऐसे में भारत एक ‘खतरनाक स्थिति’ का सामना कर सकता है ” और उस स्तिथि के लिए यही लोग ज़िम्मेदार होंगे .
ममता ने आगे कहा आखिर ऐसा ही क्यों होता है की जब कभी चुनाव नजदीक आते हैं तो भाजपा साम्प्रदायिकता का ज़हर उगलने लगती है . उन्होंने कहा,दुसरे सारे मुद्दे पीछे रह जाते हैं ‘भाजपा के छोटे से बड़े नेता सब एक ही बोली बोलने लगते हैं , न कभी किसानों की बात करते, न ही छात्रों की, उनका एकमात्र उद्देश्य देश को बांटना है.”
ममता ने कहा, ‘वह (योगी आदित्यनाथ ) यह कैसे कह सकते हैं कि ‘बोली से नहीं माने तो गोली चला दो’? ममता दी ने कहा ,” मैंने पहले ऐसी टिप्पणी कभी नहीं सुनी. एक केंद्रीय मंत्री (अनुराग ठाकुर) ने भी कुछ ऐसा ही कहा. वे बस नफरत की राजनीति में लगे हुए हैं. देश खतरनाक स्थिति से गुजर रहा है.”
आपको बता दें दिल्ली के विधान सभा चुनाव में बीजेपी ने एक बार फिर अपनी पूरी ताक़त झोंक दी है ,UP के बदनाम ए ज़माना मुख्यमंत्री योगी ने दिल्ली में एक रैली के दौरान यह कह कर विवाद छेड़ दिया कि जो लोग कांवरियों पर हमला करेंगे, उन्हें पुलिस की गोलियों का सामना करना पड़ेगा. अब इन महाशय से कोई पूछे दिल्ली में चुनावी रैली में कांवड़ियों का क्या परिपेक्ष है .

क्या ही अच्छा होता , UP के CM आदित्यनाथ कहते की मैं अपने जैसा State ,जिसमें हर नागरिक की सुरक्षा , शांति , शिक्षा , सेहत का पूरा ध्यान रखा गया है , ऐसा ही दिल्ली में गवर्नेंस लाने के लिए दिल्ली की जनता से निवेदन करने आया हूँ की वो बीजेपी के पक्ष में वोट करें .लेकिन ऐसा कोई मॉडल स्टेट पूरे देश में है ही नहीं ,जिसकी मिसाल देकर वोट माँगा जाए . दिल्ली में क्या प्रचारकों की कमी है जो दुसरे राज्यों से बुलाना पड़ता है , यह अलग बात है कि नफरत फैलाने में कौन कितना EXPERT है उसको बुलाना बीजेपी कि मजबूरी है या ज़रुरत भी है , क्योंकि पूरा चुनाव ही नफरत और धुर्वीकरण पर टिका है बीजेपी का .दिल्ली के स्टार प्रचारकों अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा क्या कुछ कम ज़हर उगल रहे थे , जिसके चलते चुनाव आयोग को उनपर पाबंदी लगानी पड़ी , उसकी भरपाई के लिए योगी जी को बुलाया गया जो भडकाव और सांप्रदायिक भाषणों के लिए प्रख्यात हैं .
दिल्ली में आठ फरवरी को विधानसभा चुनाव हैं. ममता ने कहा कि भगवा पार्टी जामिया नगर, शाहीन बाग और दिल्ली के अन्य हिस्सों में सीएए विरोधी प्रदर्शनों से डरी हुई है.
पश्चिम बंगाल कि सीएम बनर्जी ने भाजपा को ‘अवसरवादियों की पार्टी’ बताते हुए कहा कि वे तोड़फोड़, गुंडागर्दी और उपद्रव को प्रोत्साहित करते हैं. उन्होंने कहा, ‘जिस तरीके से देश में शासन चलाया जा रहा, उसे लेकर मैं शर्मिंदा हूं. क्यों हमारी मातृभूमि अचानक ही हत्या के क्षेत्र में तब्दील हो गई? ‘
मुख्यम्नत्री योगी ने केजरीवाल पर बेतुका निशाना साधते हुए कहा पाकिस्तानी मंत्री को पता है केजरीवाल ही शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को बिरयानी खिला सकते है, चलो इस बहाने ही सही कुछ लोग अपनी ज़बान से बिरयानी का नाम लेकर ही मज़ा तो चख लेते हैं .

राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC ) प्रमुख ने यह भी कहा कि उन्हें संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिकता पंजी के खिलाफ चल रहे आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए युवा पीढ़ी पर भरोसा है. तृणमूल कांग्रेस का छात्र संगठन शहर में स्थित रानी रश्मोनी एवेन्यू पर सीएए के विरोध में प्रदर्शन कर रहा है. बनर्जी ने शाम को प्रदर्शन स्थल का दौरा किया और छात्रों के साथ एकजुटता का भाव प्रदर्शित किया.
उन्होंने कहा, “मुझे गर्व है कि मैंने छात्र कार्यकर्ता के रूप में राजनीति में प्रवेश लिया. मैं नेताओं की एक नई पीढ़ी को उभरते हुए देखना चाहती हूँ… नई पीढ़ी ही सीएए और एनआरसी के विरोध में हो रहे प्रदर्शन का नेतृत्व करेगी. युवा देश को बचाने के लिए देश को बांटने वाली ताकतों से लड़ेगा. मुझे आप सब पर पूरा भरोसा है.’
ज़बान से ही आग लगाई जासकती है और इसी से आग बुझाई भी जा सकती है अब देखना यह होता है कि आग लगाने वालों और बुझाने वालों को जनता समझ पाती है या नहीं , विडंबना यह है कि जनता अपनी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर ध्यान न देकर भावनात्मक और भडकाव तथा शैतानी भषणो को ज़्यादा पसंद करती है , सीधी सच्ची और विकास की बातें करने वालों के जलसों में लोग भी कम ही आ पाते है और कभी आ भी जाते हैं .
Times Of Pedia Times of Pedia TOP News | Breaking news | Hot News | | Latest News | Current Affairs
