किसी भाषा का विरोध न होना चाहिए : उपराष्‍ट्रपति 

Date:

कोई भाषा थोपी नहीं जानी चाहिए और न ही किसी भाषा का विरोध होना चाहिए : उपराष्‍ट्रपति 

उपराष्ट्रपति, श्री एम वेंकैया नायडू ने लोगों से अधिक से अधिक भाषाएं सीखने का आह्वान करते हुए कहा है कि कोई भी भाषा थोपी नहीं जानी चाहिए और न ही किसी भाषा विशेष का विरोध होना चाहिए ।

अमेरिका में नासा और अन्य स्थानों का दौरा करने के बाद हाल ही में लौटे मनीपाल के शारदा आवासीय विद्यालय के छात्रों के साथ आज बातचीत करते हुए, श्री नायडू ने जोर देकर कहा कि भारत कई भाषाओं से समृद्ध है। छात्रों तथा शिक्षकों को नयी भाषाएं सीखने के साथ ही अपनी मातृभाषा को भी पूरा महत्‍व देना चाहिए।

उन्‍होंने पर्यटन को शिक्षा का एक माध्‍यम बताते हुए छात्रों से देश की विविध संस्‍कृति, विरासत,खानपान और भाषाओं को समझने के लिए भारत के प्रमुख पर्यटन स्‍थलों की यात्रा करने को कहा ताकि वह देश की अनूठी बहुरंगी संस्‍कृति से भलि भांति परिचित हो सकें।

घरेलू पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा लागों से 2022 तक देश के 15 पर्यटन स्‍थलों की यात्रा करने के आह्वान का जिक्र करते हुए श्री नायडू ने छात्रों से कहा कि वह देश के भीतर ऐतिहासिक , आध्‍यात्मिक और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर पर्यटक स्‍थलों का ज्‍यादा से ज्‍यादा भ्रमण करें .

इसके माध्‍यम से देश की विविध सांस्‍कृतिक विरासत के बारे अधिक से अधिक जानकारी हासिल करें । उन्‍होंने कहा कि ऐसी यात्राएं ज्ञानवर्द्धक होने के साथ ही देश की अतीत को बेहतर समझने का अवसर देंगी।

छात्रों से अपना अधिक से अधिक समय प्रकृति की गोद में बिताने का आह्वान करते हुए श्री नायडू ने उनसे प्रकृति के संरक्षण में सक्रीय सहयोग के साथ ही एक बार इस्‍तेमाल होने वाले प्‍लास्टिक का उपयोग प्रधानमंत्री के कहे अनुसार दो अक्‍तूबर से पूरी तरह बंद करने की शपथ लेने को भी कहा।

उपराष्‍ट्रपति ने छात्रों को रचनात्‍मक,आत्‍मविश्‍वासी,सक्षम,जिज्ञासु और संप्रेषणीय बनाए जाने के लिए क्षिक्षा प्रणाली और पाठ्यक्रमों में आवश्‍यक बदलाव करने पर जोर दिया। उन्‍होंने साथ यह सुझाव भी दिया कि नयी शिक्षा नीति ऐसी होनी चाहिए जिसमें भारतीय इतिहास और देश के विभिन्‍न हिस्‍सों से स्‍वाधीनता संग्राम में भाग लेने वाले स्‍वाधीनता सेनानियों के योगदान पर विशेष जोर हो।

उन्‍होंने कहा औपनिवेशिक सत्‍ता के खिलाफ संघर्ष में भाग लेने वाले ऐसे नायकों की संख्‍या काफी रही है। हमारे बच्‍चों को इनके बारे में जानना जरूरी है।

छात्रों की शारीरिक दक्षता बढ़ाने के लिए उन्‍हें स्‍कूल के समय का 50 प्रतिशत हिस्‍सा कक्षाओं के बाहर बिताने की अनुमति देने पर जोर देते हुए श्री नायडू ने छात्रों को स्‍वास्‍थ्‍य के लिए हानिकारक जीवनशैली और भोजन की आदतों के कारण गैर-संचारी रोगों की बढ़ती घटनाओं के बारे में आगाह किया।

उन्‍होंने छात्रों को जंक फूड से परहेज करने तथा खानपान की बेहतर आदतें अपनाने का सुझाव दिया और कहा कि इस मामले में  भारतीय भोजन समय की कसौटी पर खरा उतरा है।  इसमें हर मौसम और क्षेत्र के हिसाब से खाने पीने की चीजें शामिल हैं।

उन्‍होंने स्‍कूल प्रशासन से छात्रों को एनएसएस,एनसीसी,स्‍काउट और गाईड जैसी स्‍वैच्छिक सेवाओं में हिस्‍सा लेने के लिए प्रोत्‍साहित करने  का सुझाव देते हुए कहा कि इससे उनमें दूसरों की सेवा करने की भावना पैदा होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

धरने पर बैठे राहुल गांधी को पुलिस घसीटकर ले गई हिरासत में

पीएम आवास के बाहर धरने पर बैठे राहुल गांधी...

जौहर यूनिवर्सिटी, जंतरमंतर पर धरना और आमरण अनशन

अब देश में शिक्षा और शिक्षा केंद्रों की रक्षा...

लोकतंत्र का अपहरण: जब सत्ता सवाल से और….

कपिल बर्मन (जाग्रत भारत) लोकतंत्र का अपहरण: जब सत्ता सवाल...

सांप्रदायिक शक्तियों ने माहौल को पूरी तरह खराब कर दिया है: मदनी

प्रेस विज्ञप्ति नफ़रत की आँधियों में हम मोहब्बत के चिराग़...