गाय के नाम पर हत्या करने वाले गौरक्षक नहीं,गौगुंडे हैं-पूर्व आईजी

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*गाय के नाम पर हत्या करने वाले गौरक्षक नहीं,गौगुंडे हैं-एस.आर.दारापुरी*

*गाय के नाम पर दलितों और मुसलमानो को निशाना बनाया जा रहा है – नाहिद अकील*

*राजधानी लखनऊ में एनसीएचआरओ का कानून और गौरक्षक विषय पर सेमीनार आयोजित*

लखनऊ 10 मार्च ।राजधानी लखनऊ में एनसीएचआरओ द्वारा “कानून और गौरक्षक” विषय पर सेमीनार का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर सभा के अध्यक्ष, यूपी पुलिस के पूर्व आईजी एस.आर. दारापुरी ने बोलते हुये कहा जब से केंद्र में बीजेपी की सरकार आयी है।गाय के नाम पर देशभर में भीड़ द्वारा हत्या करने का सिलसिला शुरू हुआ है। ये तथाकथित हत्यारे गौरक्षक नहीं बल्कि गौगुंडे है।

दारापुरी मानवाधिकार संगठन एनसीएचआरओ द्वारा कानून और गौरक्षक विषय पर आयोजित सेमीनार में बोल रहे थे।उन्होंने कहा कि कानून लोगों को आत्मरक्षा का अधिकार देता है।अगर ये गौगुंडे किसी बेगुनाह को नुक़सान पहुचाए तो वो भी हमले के अधिकार का इस्तिमाल कर सकता है।

सेमीनार में बोलते हुए रिहाई मंच के अध्यक्ष एड्वोकेट मोहम्मद शोएब ने कहा कि एक सोची समझी साजिश के तहत मुसलमानो और दलितों को गाय के नाम पर मारा जा रहा है। ये तथाकथित गौरक्षक पुलिस के डर के बग़ैर बेख़ौफ़ हमला कर रहे हैं। उन्होंने इस साजिश का कर्ताधर्ता फासीवादी संगठन आरएसएस को बताया।आरएस एस अपने एजेंडे को लागू करने के लिए इंसानों की जान ले रहा है।

उनकी इस साजिश में अगर कोई हिन्दू भाई रूकावट बनता है।उसको भी निशाना बनाने से ये नहीं चूकते। सेमीनार में बोलते हुए सामाजिक कार्यकर्ता नाहिद अकील ने कहा कि गाय के नाम पर हत्या समाज में बिखराव पैदा कर रही है।

हमारा देश कृषिप्रधान देश है,पशुपालन यहाँ के किसानों का व्यवसाय रहा है। देश में गाय के नाम पर हुई हत्याओ के चलते पशुपालकों और किसानों दोनों का नुक्सान हो रहा है।उन्होंने कहा कि पशु व्यापारी अब गाय खरिदने से बच रहे है।

किसान उस गाय और बछड़े को पालना नहीं चाहता, नतीजे में उसे खुला छोड़ने पर मजबूर होना पड़ता है।भूखी गाय खेत में घुसकर फसल खाकर अपनी भूख मिटाती है।इससे किसान को नुकसान हो रहा है। कई सड़क दुर्घटनाये भी इन खुली गायों के कारण देश भर में हुई है।

सेमीनार में बोलते हुए एनसीएचआरओ की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य एड्वोकेट अन्सार इन्दौरी ने कहा कि गौ हत्या रोकने के लिए जो कानून बने हुए हैं।अगर उनको ही सही मायनों में लागू किया जाये तो गौतस्करी रोकी जा सकती।उन्होंने कहा कि पुरे देश में गाय को लेकर फासीवादी बीजेपी का अलग अलग सोचना है।

उन्होने कहा मणिपुर और गोवा में बीजेपी की सरकार है गाय के नाम पर देश के दूसरे राज्यो की तरह यहाँ गाय माता का दर्जा नहीं रखती।देश के गृह राज्य मंत्री किरन रिजुज मणिपुर के बारे में कहते है कि लोग मणिपुर में गाय खाते है,मै भी खाता हु।

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर कहते है कि गोवा में बीफ की कमी नहीं होने दी जयेगी। ये दोनों ब्यान बताते है कि कैसे गाय के नाम बीजेपी राजनीती कर रही है।

कार्यक्रम में वसीम अहमद,मकसूम अहमद,मोहम्मद ताहिर,एड्वोकेट आशीष कुमार सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

सेमीनार का संचालन एड्वोकेट मोहम्मद याक़ूब ने किया।

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