हल्द्वानी, 06 नवंबर । नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने केंद्र सरकार से अग्निपथ योजना तत्काल रद्द कर सेना में नियमित सैनिक भर्ती व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अग्निवीरों को दो वर्ष का सेवा विस्तार देने की बात युवाओं के भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता का समाधान नहीं है।
शुक्रवार को जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि अग्निपथ योजना लागू होने के चार वर्ष बाद पहले बैच के जवानों की सेवा अवधि पूरी होने जा रही है। ऐसे में 75 प्रतिशत अग्निवीरों के सेवा से बाहर होने का सवाल खड़ा है। उन्होंने चार नवंबर को प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) की प्रेस वार्ता में दो वर्ष के अतिरिक्त सेवा विस्तार से जुड़ी सामने आई जानकारी का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि जवानों को स्थायी नियुक्ति क्यों नहीं दी जा रही है।
यशपाल आर्य ने आरोप लगाया कि इस योजना ने सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि युवाओं ने वर्षों तक शारीरिक और लिखित परीक्षाओं की तैयारी की तथा देश सेवा का सपना देखा, लेकिन भर्ती व्यवस्था में बदलाव से उनके सामने कठिनाइयां पैदा हुई हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने अग्निवीरों की आत्महत्या के 40 से अधिक कथित मामलों पर चिंता जताई और इनकी निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने सेना में करीब सवा दो लाख जवानों की कमी और भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे युवाओं का मुद्दा भी उठाया।
आर्य ने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही अग्निपथ योजना का विरोध कर रही है और नियमित भर्ती बहाल करने की मांग करती रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से योजना रद्द करने, नियमित भर्ती शुरू करने, अग्निवीरों को स्थायी सेवा और सामाजिक सुरक्षा देने और सेना के रिक्त पदों को भरने की मांग की।
उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए सैनिकों का मनोबल,अनुभव और सेना के प्रति विश्वास महत्वपूर्ण है। सरकार को सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों के भविष्य की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।