नैनीताल, 23 अक्टूबर । अंतरराष्ट्रीय हिम तेंदुआ दिवस के अवसर पर शुक्रवार को नैनीताल के गोविंद बल्लभ पंत उच्च स्थलीय प्राणी उद्यान यानी नैनीताल चिड़ियाघर में रंगोली एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राणी उद्यान के निदेशक एवं नैनीताल वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी आकाश गंगवार के निर्देशन में किया गया। प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को हिम तेंदुए के संरक्षण और पर्वतीय पारिस्थितिकी के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
इस दौरान आयोजित हुई रंगोली प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों ने विभिन्न समूहों में अधिकतम छह की संख्या में प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों ने उच्च स्थलीय पारिस्थितिकी एवं हिम तेंदुआ संरक्षण विषय पर प्राकृतिक रंगों, गुलाल और फूलों का उपयोग कर हिम तेंदुए तथा पर्वतीय पर्यावरण पर आधारित संदेशपरक रंगोलियां बनाईं।
वहीं कक्षा तीन से पांच, छह से आठ और नौ से 12 के तीन वर्गों में आयोजित हुई चित्रकला प्रतियोगिताओं में बच्चों ने ‘हिमालय का भूत-हिम तेंदुआ और उसका निवास स्थान’ विषय पर अपनी कल्पनाशीलता के माध्यम से हिम तेंदुए के प्राकृतिक आवास और हिमालय की सुंदरता को चित्रों में उकेरा।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों और आमजन को वन्यजीव संरक्षण, विशेषकर दुर्लभ एवं संकटापन्न हिम तेंदुए तथा उच्च पर्वतीय पारिस्थितिकी के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से वन्यजीवों के जीवन चक्र, प्राकृतिक आवास और जैव विविधता संरक्षण की चुनौतियों पर आधारित वृत्तचित्र भी दिखाया गया।
कार्यक्रम का संचालन हिमालयन बॉटनिकल गार्डन, नारायणनगर की वनस्पति वैज्ञानिक डॉ. रजनी रावत ने किया। इस अवसर पर वन क्षेत्राधिकारी आनंद लाल, वन आरक्षी पवन कुमार, अनुज पांडे, हर्षिता बिष्ट सहित प्राणी उद्यान के कर्मचारी उपस्थित रहे। प्राणी उद्यान की उपनिदेशक स्वाति ने विद्यार्थियों और उपस्थित अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।