दिल्ली में एमटीएस जनस्वास्थ्य कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन, 4,000 कर्मियों को लाभ

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर । दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के करीब 4,000 बहुउद्देशीय जनस्वास्थ्य कर्मचारियों के खातों में बढ़े हुए वेतन की राशि अंतरित की। इन कर्मचारियों को अब समान काम के लिए समान वेतन के तहत वेतन मैट्रिक्स के लेवल-एक का न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये और परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (डीए) मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने निगम मुख्यालय स्थित केदारनाथ साहनी ऑडिटोरियम में आयोजित एक कार्यक्रम में बटन दबाकर कर्मचारियों के खातों में बढ़ी हुई राशि अंतरित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार उन कर्मचारियों के सम्मान, अधिकारों और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, जो दिन-रात राजधानी के लोगों की सेवा में जुटे रहते हैं।

गुप्ता ने कहा कि इन कर्मचारियों का योगदान करीब तीन दशकों की सेवा, समर्पण और संघर्ष से जुड़ा है। वर्ष 1996 में दिल्ली में डेंगू के प्रकोप के दौरान नियुक्त किए गए ये कर्मचारी घर-घर जाकर नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। उनके योगदान को उचित सम्मान देना सरकार का दायित्व है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों को उनके काम के अनुरूप सम्मान, सुरक्षा और सुविधाएं मिलने से उनका मनोबल बढ़ता है और वे अधिक उत्साह से जनसेवा कर पाते हैं। उन्होंने कर्मचारियों से जनता के साथ विनम्रता और संवेदनशीलता से पेश आने की अपील करते हुए कहा कि उनका व्यवहार सरकार की छवि तय करता है।

कार्यक्रम में मौजूद दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि एमटीएस जनस्वास्थ्य कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि पर सालाना करीब 52 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को बिना देरी के मंजूरी दी, जिसके बाद कर्मचारियों के खातों में बढ़ी हुई राशि अंतरित की गई।

वाही ने कहा कि दिल्ली नगर निगम, दिल्ली सरकार की विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने में सहयोग कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने इन कर्मचारियों को केवल आश्वासन दिए और उनके वेतन में वृद्धि नहीं की।

महापौर ने यह भी कहा कि दीपावली के दौरान राजधानी में सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए 2,500 नए स्वच्छता कर्मियों की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान दिल्ली के बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों को साफ-सुथरा रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है।

एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार ने कहा कि डेंगू की रोकथाम के लिए 1997 में घरेलू प्रजनन जांचकर्ता (डीबीसी) कर्मचारियों के पद सृजित किए गए थे, जिन्हें बाद में एमटीएस जनस्वास्थ्य के रूप में पहचान मिली। उन्होंने कहा कि समान काम के लिए समान वेतन के तहत इन कर्मचारियों को 18,000 रुपये के न्यूनतम वेतन के साथ परिवर्तनीय महंगाई भत्ता भी दिया जाएगा।

कार्यक्रम में दिल्ली नगर निगम की उप महापौर मोनिका पंत, स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा, नेता सदन जय भगवान यादव और निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में एमटीएस जनस्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित थे।

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