रक्षा सहयोग बढ़ाने काे पाकिस्तानी सेना प्रमुख और मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू ने की मुलाकात

इस्लामाबाद, 22 अक्टूबर । पाकिस्तान के सेना प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर ने इस्लामाबाद में मालदीव के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मुइज्जू से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, रक्षा सहयोग बढ़ाने और क्षेत्रीय सुरक्षा की मौजूदा स्थिति पर चर्चा हुई।

के अनुसार, बैठक में दोनों पक्षों ने पाकिस्तान और मालदीव के बीच रक्षा संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, संस्थागत संपर्क बढ़ाने और सैन्य अधिकारियों के बीच पेशेवर आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान आसिम मुनीर और राष्ट्रपति मुइज्जू ने आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और संबंधित संस्थानों के बीच संपर्क को अधिक प्रभावी बनाने के महत्व को रेखांकित किया। पाकिस्तानी पक्ष ने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों का उल्लेख करते हुए द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा की मौजूदा स्थिति और साझा चिंताओं से जुड़े मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहे। दोनों पक्षों ने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए संवाद तथा सहयोग के महत्व पर जोर दिया।

आसिम मुनीर ने रचनात्मक बातचीत के माध्यम से क्षेत्रीय स्थिरता को प्रोत्साहित करने की पाकिस्तान की प्रतिबद्धता का उल्लेख किया। उन्होंने दोनों देशों के बीच निरंतर संपर्क बनाए रखने और आपसी सहयोग के मौजूदा अवसरों का विस्तार करने पर जोर दिया।

मुलाकात के दौरान मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने पाकिस्तान के सशस्त्र बलों की पेशेवर क्षमताओं की सराहना की। उन्होंने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान के प्रयासों की भी प्रशंसा की। दोनों पक्षों ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने और संस्थागत संबंधों को अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता पर सहमति जताई।

पाकिस्तान और मालदीव के बीच रक्षा सहयोग की संभावनाएं हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा के संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं। मालदीव की भौगोलिक स्थिति के कारण समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और विभिन्न देशों के साथ रक्षा संबंध उसके लिए अहम विषय हैं। फिलहाल, बातचीत का मुख्य जोर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, पेशेवर आदान-प्रदान बढ़ाने और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सहयोग जारी रखने पर रहा।

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