देहरादून, 01 अक्टूबर । राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर दोनों महान विभूतियों का स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने प्रदेशवासियों से गांधी और शास्त्री के आदर्शों को आत्मसात करते हुए सशक्त, आत्मनिर्भर और समरस भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
जयंती की पूर्व संध्या पर गुरुवार को जारी अपने संदेश में राज्यपाल ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन सत्य, अहिंसा, सादगी और सेवा का संदेश देता है। उनके विचार आज भी शांति, सद्भाव और मानवता के लिए प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने दृढ़ संकल्प, नैतिक साहस और अहिंसा के माध्यम से बड़े सामाजिक परिवर्तन का मार्ग दिखाया।
राज्यपाल ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन को सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का ‘जय जवान-जय किसान’ का संदेश देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के महत्व को रेखांकित करता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा, प्रेम, सद्भाव और मानवता के मूल्यों को अपने जीवन का आधार बनाया। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन को जन-आंदोलन का स्वरूप देते हुए देशवासियों में स्वाधीनता, स्वाभिमान और एकता की भावना को मजबूत किया।
धामी ने लाल बहादुर शास्त्री का स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, नैतिकता और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का उदाहरण है। कठिन दौर में उनके नेतृत्व ने देश के आत्मविश्वास को मजबूत किया। ‘जय जवान, जय किसान’ का उनका संदेश सैनिकों और किसानों के योगदान के महत्व को रेखांकित करता है।
मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों से गांधी जी के सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के संदेश को जीवन में अपनाने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।