पलवल में डायल-112 पर तैनात दो पुलिसकर्मी नाै हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार

चंडीगढ़, 01 अक्टूबर । राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), फरीदाबाद की उपकेंद्र पलवल टीम ने कार्रवाई करते हुए डायल-112 पर तैनात दो पुलिसकर्मियों को 9,000 रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इनमें कांस्टेबल हरीश को शिकायतकर्ता से 9,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया, जबकि दूसरे आरोपी कांस्टेबल दीपक को भी मौके पर पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।

शिकायतकर्ता अनुसार, 28 सितंबर 2026 को उसका अपने परिजनों के साथ झगड़ा हो गया था, जिसके बाद वह घर से चला गया था। इस संबंध में उसके परिजनों ने डायल-112 पर सूचना दी थी। बाद में शिकायतकर्ता अपने एक दोस्त की एक्टिवा स्कूटी पर सवार होकर घर लौट रहा था। इसी दौरान वहां डायल-112 की राइडर टीम पहुंच गई, जिसे देखकर वह घबरा गया और स्कूटी लेकर वहां से चला गया और रास्ते में स्कूटी का टायर पंचर होने पर उसे रास्ते में छोड़कर भाग गया था। इसके बाद 30 सितंबर 2026 को कांस्टेबल दीपक ने शिकायतकर्ता को फोन कर बुलाया, जहां उसकी मुलाकात कांस्टेबल दीपक और कांस्टेबल हरीश से हुई। दोनों पुलिसकर्मियों ने स्कूटी अपने कब्जे में होने की बात कहते हुए उसे छोड़ने के एवज में 10,000 रुपये रिश्वत की मांग की। बातचीत के बाद 9,000 रुपये में रिश्वत की राशि तय हुई।

शिकायतकर्ता की शिकायत पर एसीबी ने नियमानुसार सत्यापन करने के बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। गुरुवार काे एसीबी की टीम ने पलवल में वंदेमातरम स्कूल के पीछे एक निर्माणाधीन मकान के पास जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान कांस्टेबल हरीश को शिकायतकर्ता से 9,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। रिश्वत की पूरी राशि भी बरामद कर ली गई। इसके अतिरिक्त, मौके पर मौजूद दूसरे आरोपी कांस्टेबल दीपक को भी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया।

ब्यूराे के प्रवक्ता के अनुसार, यह ट्रैप कार्रवाई निरीक्षक राजकुमार, प्रभारी, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, उपकेंद्र पलवल के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई के दौरान राजपत्रित अधिकारी के रूप में अभिषेक, सहायक आबकारी एवं कराधान अधिकारी (आबकारी), कार्यालय उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त, पलवल मौजूद रहे। पूरी कार्रवाई गवाहों की मौजूदगी में की गई। दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करके अगली कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.