पंजाब के बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति पूरी तरह पर्याप्त: कोयला मंत्रालय

नई दिल्ली, 13 सितंबर । केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने पंजाब के बिजली संयंत्रों में कोयले की कमी की खबरों का खंडन करते हुए रविवार को स्पष्ट किया कि राज्य के संयंत्रों को कोयले की पर्याप्त आपूर्ति की जा रही है। मंत्रालय ने कहा कि बिजली उत्पादन में कमी के लिए कोयले की आपूर्ति को जिम्मेदार ठहराना पूरी तस्वीर पेश नहीं करता है। कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) पंजाब सहित पूरे देश में निर्बाध विद्युत उत्पादन के लिए कोयला आपूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मंत्रालय ने उन मीडिया रिपोर्टों पर स्पष्टीकरण जारी किया है, जिनमें 14 घंटे तक की बिजली कटौती और संयंत्रों में उत्पादन घटने का कारण कोयले की कमी बताया गया था। कोयला मंत्रालय के अनुसार, पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के तीन ताप विद्युत संयंत्र गुरु हरगोविंद टीपीएस (लहरा मोहब्बत), गोइंदवाल साहिब टीपीपी और रोपड़ टीपीएस (कुल क्षमता 2,300 मेगावाट) में 11 सितंबर तक कोयले का स्टॉक मानक आवश्यकता का लगभग 114 प्रतिशत था, जो पर्याप्त से भी अधिक उपलब्धता को दर्शाता है। इसके बावजूद, सितंबर माह में पीएसपीसीएल के संयंत्रों का प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) केवल लगभग 59 प्रतिशत रहा है। ऐसे में कम उत्पादन के लिए कोयले की अनुपलब्धता को कारण नहीं माना जा सकता।

मंत्रालय ने बताया कि केंद्र सरकार ने पीएसपीसीएल की कैप्टिव पचवारा सेंट्रल कोयला खदान से राज्य के स्वतंत्र बिजली संयंत्रों (आईपीपी) को कोयला भेजने की पहले ही अनुमति दी हुई है। हालांकि, अप्रैल से 11 सितंबर 2026 तक इस खदान से उत्पादन तो 83.67 प्रतिशत रहा, लेकिन प्रेषण (डिस्पैच) केवल 68.44 प्रतिशत ही हो सका। इसके चलते खदान पर लगभग 3.21 लाख टन कोयले का स्टॉक जमा पड़ा है, जिसे राज्य सरकार को अपने संयंत्रों के लिए जल्द उठाना चाहिए।

इसके अलावा, नाभा पावर लिमिटेड (राजपुरा) और तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (मानसा) जैसे निजी संयंत्रों (आईपीपी) को सीआईएल द्वारा उनकी औसत खपत से अधिक कोयला रेक की आपूर्ति की जा रही है। सितंबर में एनपीएल को 4.3 रेक प्रतिदिन की खपत के मुकाबले औसतन 4.9 रेक और टीएसपीएल को 3.8 रेक प्रतिदिन की खपत के मुकाबले 4.1 रेक प्रतिदिन उपलब्ध कराए गए हैं।

मंत्रालय ने कहा कि सीआईएल की अनुषंगी कंपनियों (सीसीएल और बीसीसीएल) द्वारा दिए गए अतिरिक्त कोयले की बुकिंग और उठाव (लिफ्टिंग) में संयंत्रों की ओर से सुस्ती देखी गई है। फ्लेक्सिबिलिटी पॉलिसी के तहत दूसरी तिमाही में एनपीएल को 2.30 लाख टन और टीएसपीएल को 3.0 लाख टन अतिरिक्त कोयला आवंटित किया गया है, लेकिन इसका उठाव अभी शुरू होना बाकी है। मंत्रालय ने कहा कि आईपीपी संयंत्रों में तकनीकी खराबी (ब्रेकडाउन) पर निगरानी, कैप्टिव खदानों से कोयले की त्वरित निकासी और सीआईएल से आवंटित कोयले का समय पर उठाव ही पंजाब में बिजली संकट के समाधान की असली जड़ है।

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