नया फोर लेन गंगा सेतु बनने से कानपुर-शुक्लागंज आवागमन होगा सुगम : जितेंद्र प्रताप सिंह

कानपुर, 09 सितंबर । यह सेतु कानपुर और उन्नाव के बीच आवागमन को सुगम बनाने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके पूरा होने से मध्य कानपुर के लोगों को शुक्लागंज और उन्नाव होते हुए लखनऊ की ओर बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। जलस्तर कम होते ही निर्माण कार्य में तेजी लाकर परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए। यह बातें जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार को पुराने गंगा पुल के निकट निर्माणाधीन चार लेन गंगा सेतु परियोजना के निरीक्षण के दौरान कहीं।

पुराने गंगा पुल के बगल में करीब 235 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन नए चार लेन गंगा सेतु का करीब 15 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। राज्य सेतु निगम की ओर से कराई जा रही परियोजना को फरवरी 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार को परियोजना स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सेतु के पिलर निर्माण, भौतिक प्रगति और आगे की कार्ययोजना की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित सेतु की लंबाई 1,196 मीटर और चौड़ाई 20 मीटर होगी। इसके लिए कुल 24 पिलर बनाए जाने हैं, जिनमें 14 पिलर पर प्रारंभिक संरचनात्मक कार्य किया जा चुका है।

वर्तमान में गंगा का जलस्तर बढ़ा होने के कारण नदी क्षेत्र में निर्माण कार्य प्रभावित है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलस्तर सामान्य होते ही पर्याप्त संसाधन और मैनपावर लगाकर निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए निर्धारित समयसीमा में परियोजना पूरी करने के निर्देश दिए।

नया सेतु तैयार होने के बाद मध्य कानपुर से शुक्लागंज और उन्नाव की ओर आवागमन आसान होगा। साथ ही शुक्लागंज-उन्नाव होते हुए लखनऊ जाने वाले लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

पुराना गंगा पुल कानपुर की पहचान और हेरिटेज का हिस्सा रहा है। क्षतिग्रस्त होने के कारण वर्ष 2021 से इस पर आवागमन बंद है। इसी के बगल में अब नए फाेर लेन सेतु का निर्माण कराया जा रहा है। कानपुर और उन्नाव के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए ट्रांस गंगा क्षेत्र में करीब 750 करोड़ रुपये की लागत से एक अन्य सेतु परियोजना पर भी काम चल रहा है।

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