क़तर की अमेरिका और ईरान से बातचीत फिर शुरू करने की अपील, तनाव बढ़ने पर जताई चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर बढ़े सैन्य तनाव के बीच क़तर ने दोनों देशों से बातचीत की मेज़ पर लौटने की अपील की है। क़तर ने चेतावनी दी है कि मौजूदा हालात को सामान्य मान लेना क्षेत्र में और गंभीर टकराव का रास्ता खोल सकता है।
AFP के अनुसार, रविवार को अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में स्थित एक ईरानी द्वीप पर सैन्य कार्रवाई की। इसके जवाब में ईरान ने भी मध्य-पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए जवाबी हमले किए।
क़तरी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने मंगलवार को नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि क़तर ने शुरुआत से ही चेताया था कि विवाद को बातचीत के ज़रिए हल किए बिना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ की बंदी को सामान्य स्थिति मानने की कोशिश हालात को और बिगाड़ सकती है।
उन्होंने कहा, “पिछले दो दिनों में हमने ठीक यही स्थिति देखी है।” अल-अंसारी ने अमेरिका और ईरान दोनों से संयम बरतने और बातचीत की प्रक्रिया में वापस लौटने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि क़तर अपने मध्यस्थता साझेदारों के साथ मिलकर बातचीत बहाल कराने के प्रयासों को और तेज़ कर रहा है।
उन्होंने कहा, “हम सभी पक्षों से समझदारी दिखाने और बातचीत के रास्ते पर वापस लौटने की अपील करते हैं।” क़तरी प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौजूदा स्थिति को लंबे समय तक स्वीकार नहीं किया जा सकता।
माजिद अल-अंसारी ने कहा, “क़तर, पूरे क्षेत्र और दुनिया के लिए आज यह स्थिति स्वीकार करना संभव नहीं है।”
अल-अंसारी के मुताबिक, मध्यस्थता की कोशिशें लगातार जारी हैं और क़तर अपने साझेदार देशों के साथ इस दिशा में बातचीत कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से पाकिस्तान और ओमान का ज़िक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के साथ चर्चा जारी है।
क़तर का संदेश साफ़ है—सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमलों से तनाव कम होने के बजाय और बढ़ेगा। इसलिए अमेरिका और ईरान को जल्द से जल्द बातचीत की मेज़ पर लौटना चाहिए, ताकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को लेकर बढ़ता संकट व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष में तब्दील न हो।