देहरादून, 10 अगस्त । मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सोमवार को राजस्व वृद्धि को लेकर अधिकारियों संग सचिवालय में बैठक की। इसमें कर चोरी रोकने और राजस्व के नए स्रोत तलाशने के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया। मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों से निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष अर्जित राजस्व की जानकारी ली और राजस्व वृद्धि के लिए किए जा रहे प्रयासों और नवाचारों की समीक्षा की।
आनंद बर्द्धन ने कहा कि राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) में राजस्व बढ़ाने की पर्याप्त संभावनाएं हैं। उन्होंने राज्य कर विभाग को कर चोरी रोकने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित जांच व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगले चार से पांच महीनों में एआई आधारित तंत्र तैयार करने और कर संबंधी विभिन्न विभागों के आंकड़ों के एकीकरण पर भी जोर दिया।
मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग के ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) कैमरों का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने खनन, वन और राज्य कर विभाग के साथ इन कैमरों को एकीकृत करने की संभावनाओं पर भी काम करने को कहा।
उन्होंने सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में निबंधन और रजिस्ट्रेशन से संबंधित अभिलेखों के रखरखाव को डिजिटल करने के निर्देश दिए। साथ ही वन एवं गैर वन क्षेत्रों में नए खनन लॉट चिह्नित करने और इसके लिए जिला प्रशासन का सहयोग लेने को कहा।
आनंद बर्द्धन ने कहा कि वन निगम जिन खनन और प्रकाष्ठ लॉट पर काम नहीं कर पा रहा है, उनमें वन विभाग अपने स्तर से आवश्यक कार्रवाई करे। उन्होंने राज्य में जड़ी-बूटी क्षेत्र में आय की संभावनाओं का अध्ययन करने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने राजस्व के नए स्रोतों के रूप में कार्बन क्रेडिट और नए इको-टूरिज्म स्थलों के विकास पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने आम लोगों को प्रकाष्ठ की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था विकसित करने और इसके लिए आईटीडीए से तकनीकी सहयोग लेने के निर्देश दिए।