हिसार में किसानों-मजदूरों का महापड़ाव, कईयों ने दी सामूहिक गिरफ्तारी

लोगों ने सामूहिक गिरफ्तारी देकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।

लघु सचिवालय पर आंदोलनकारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए किसान-मजदूर एकता

का प्रदर्शन किया। नेताओं ने कहा कि पिछले कई दिनों से गांव-गांव जाकर जनसंपर्क अभियान

चलाकर लोगों को आंदोलन के लिए लामबंद किया गया था, जिसका असर सोमवार को लघु सचिवालय

पर दिखाई दिया। किसान नेताओं ने कहा कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील से विदेशी

कृषि उत्पादों की भारतीय बाजार में पहुंच बढ़ सकती है, जिससे पहले से ही बढ़ती लागत,

कर्ज और कम दाम की मार झेल रहे किसानों की मुश्किलें और बढ़ेंगी। उन्होंने सरकार से

एमएसपी की कानूनी गारंटी और किसानों की कर्जमाफी की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने बिजली के निजीकरण और स्मार्ट मीटर का भी विरोध किया। नेताओं

ने कहा कि किसानों और आम उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली उपलब्ध करवाना जरूरी है और निजीकरण

से आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। नेताओं ने कहा कि यह जेल भरो आंदोलन केवल गिरफ्तारी देने

का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार के लिए किसान-मजदूरों की एकजुटता और संघर्ष की चेतावनी

है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्ज से राहत, किसानों-मजदूरों

के हितों की रक्षा और बिजली निजीकरण पर रोक जैसी मांगों पर ठोस कदम होने तक संघर्ष

जारी रहेगा।

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