टॉप ब्यूरो ://28 अप्रैल को दिल्ली की CM रेखा गुप्ता ने महिला बिल पर सदन में बोलते हुए कहा विपक्षी तो पहले से ही तय करके बैठे थे कि हम तो इसे पास होने ही नहीं देंगे, और इसीलिए उन्होंने अनेक-अनेक अड़ंगे लगाए।
उन्होंने कई विपक्षी नेताओं के नाम लेते हुए कहा की ये सब महिला विरोधी रहे और कभी महिलाओं के अधिकारों की रक्षा की बात नहीं की. रेखा गुप्ता ने महिला बिल पर सदन में बोलते हुए कहा माननीय PM नरेंद्र मोदी जी 2014 में जब प्रधान मंत्री बने तभी से महिलाओं की स्थिति में सुधार आना शुरू हुआ . और हालिया 2023 महिला संशोधन बिल को लाने में उनकी पूरी कोशिश रही किन्तु विपक्ष ने तरह तरह के अड़ंगे लगाकर Bill को पास नहीं होने दिया और इसको लोकतंत्रत की जीत बताया .
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी और सांसद प्रियंका गाँधी पर तंज़ कस्ते हुए कहा महिला संशोधन बिल का विरोध करने वाले इसको लोकतंत्र की जीत बता रहे . बज़ाहिर रेखा गुप्ता की ये बातें महिला समर्थक दिखाई देती हैं. लेकिन एक सरकारी आंकड़ा भी उनके सामने रखना ज़रूरी है .
NCRB रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अपराध की दर प्रति 1 लाख आबादी पर 448.3 है, जो पिछले वर्षों की तुलना में वृद्धि दर्शाती है। औसतन हर 5 सेकंड में एक अपराध दर्ज होता है, जिसमें महिलाओं, बच्चों के खिलाफ अपराध और साइबर धोखाधड़ी (31.2% वृद्धि) प्रमुख चिंताएं हैं। कुल मामलों में IPC और विशेष कानूनों (SLL) के तहत 62 लाख से अधिक मामले सामने आए हैं।
अगर देश का प्रधानमंत्री चाहे तो महिलाओं के खिलाफ एक भी घटना नहीं हो सकती , रेखा गुप्ता जी pm मोदी के दौर में महिलाओं की सुरक्षा बढ़ी बता रही हैं जबकि अफ़सोस की बात यह है देश में अधिकतर रेप मामलों में उनकी पार्टी बीजेपी के छोटे बड़े नेता शामिल पाए गए . लेकिन यह भी सही है की कांग्रेस के दौर से ही इस तरह के अपराधों का चलन पाया जा रहा आज कोई नया नहीं है लेकिन इनमें वृद्धि हुई है यह अफ़सोस की बात है.
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