इस बार “400 पार” के गुब्बारे की हवा यह चुनाव निकाल देगा

यूं तो योगी की पकड़ उत्तर प्रदेश में मजबूत मानी जा रही है किन्तू नरेंद्र मोदी का उन्हें इग्नोर करना उत्तर प्रदेश की 50 सीटों पर भारी उलट फेर का संकेत देता है….एक नज़रिया 

Omendr Saxena

राजस्थान की लोकसभा की 25 सीटों से तीन गुना ज्यादा लगभग 50 के आसपास सीटों वाला उत्तर प्रदेश लगता है इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अबकी बार 400 पार के नारे की किरकिरी करता प्रतीत हो रहा है।

उत्तर प्रदेश में टिकटों के बंटवारे को लेकर जहां घमासान मचा हुआ है उम्मीदवार चुनाव लड़ने से मना कर अपने टिकट वापसी की धमकी दे रहे हैं वही देश के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकल्प के रूप में जब से योगी आदित्यनाथ को चुना है तब से नरेंद्र मोदी की आंख के योगी किरकिरी बने हुए है।

Lok Sabha Elections 2024
Lok Sabha Elections 2024

अभी हाल ही मे एक सभा के मंच पर जिस प्रकार भाजपा के समर्थित एक उम्मीदवार को इग्नोर किया गया उस बेचारे को मोदी जी को पहनाऐ जाने वाले 50-55 किलो के हार तक को हाथ नहीं लगाने दिया, ना भेट स्वरूप दिए जाने वाले हल पर ही उस कैंडिडेट को हाथ लगाने दिया।

वहीं मंच पर आते ही मोदी सबसे हाथ जोड़कर मिले किंतु उस उम्मीदवार के साथ-साथ योगी आदित्यनाथ को भी इग्नोर करते हुए आगे बढ़ गए। यह बॉडी लैंग्वेज नरेंद्र मोदी की सारी जनता ने देखी और कयास लगाया के योगी और मोदी के रिश्ते अब सहज और अच्छे नहीं रहे हैं।

यूं तो योगी की पकड़ उत्तर प्रदेश में मजबूत मानी जा रही है किन्तू नरेंद्र मोदी का यू उन्हें इग्नोर करना उत्तर प्रदेश की 50 सीटों पर भारी उलट फेर का संकेत देता है ।।जैसे मोदी के नारे’ कांग्रेस विहीन भारत ‘ की हवा निकाली थी वैसे ही लगता है, इस बार “अब की बार 400 पार” के गुब्बारे की हवा भी यह चुनाव निकाल देगा!!

राजस्थान की 25 की 25 सीटे जीतने का ख्वाब भी भाजपाइयों का टूटता नजर आ रहा है। इस बार सम्मानजनक सीटे भी ले आ पाए तो बहुत बड़ी बात होगी! सत्ता मद में डूबे इन भाजपाइयों को यह चुनाव उनकी वास्तविक जमीन दिखाता सा नजर आ रहा है।

देखते हैं 19 और 26 तारीख को मतदाता का रुझान क्या रहता है भाजपाइयों के पक्ष में या,,,,,,,,,,, मेरे इन विचारों से सभी मेरे साथियों का सहमत होना कतई आवश्यक नहीं है, यह मेरे अपने निजी विचार है, जिन्हें रखना मेरा दायित्व है और मेरा अधिकार।

लेखक वरिष्ठ फोटो पत्रकार हैं , दूरदर्शन राजस्थान में २ दशक अपनी सेवाएं दे चुके हैं. वर्तमान में पत्रकारों को नये की एक बड़ी संस्था भी चलाते हैं

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण)
इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं। इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति टाइम्स ऑफ़ पीडिया उत्तरदायी नहीं है। इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं। इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार टाइम्स ऑफ़ पीडिया के नहीं हैं, तथा टाइम्स ऑफ़ पीडिया उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.