उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश में आगामी शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण की अनुमति दी
उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव का कभी भी बज सकता है बिगुल । यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में ओबीसी रिजर्वेशन को लेकर अपनी रिपोर्ट सबमिट की थी। इसके बाद अदालत ने यूपी सरकार को जल्द से जल्द चुनाव कराने का निर्देश दिया है .
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव कराने की अनुमति देने के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत किया है।
योगी आदित्यनाथ ने एक ट्वीट में कहा कि उनकी सरकार अन्य पिछडा वर्ग के लिए आरक्षण नियमों का पालन करते हुए शहरी स्थानीय निकाय चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
इससे पहले न्यायालय ने आज उत्तर प्रदेश में शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण की अनुमति देते हुए राज्य चुनाव आयोग को इस संबंध में अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया।
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में अन्य पिछडा वर्ग के आरक्षण के मुद्दे की पांच सदस्यीय समिति द्वारा समीक्षा कराने के बाद एक रिपोर्ट सर्वोच्च न्यायालय में पेश की थी।
सर्वोच्च अदालत के इस फैसले के बाद अब यूपी में निकाय चुनाव का शोर रमज़ान और नौ रात्रों के बावजूद शुरू हो जाने की उम्मीद जताई जा रही है . और सभी राजनीतिक दल पूरे दम खम के साथ इमसें जुट जाएंगे।
यद् रहे योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने यूपी नगर निकाय चुनाव में ओबीसी यानी अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण के मुद्दे के संबंध में एक रिपोर्ट शीर्ष अदालत को सौंपी थी, जिसके बाद इस मामले को देखने के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की गई थी।
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