ओवैसी की पार्टी के चार विधायकों ने थामा राजद का दामन, बिहार में राजद 80 विधायको के साथ बनी नंबर वन पार्टी

Date:

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के पाचं में से चार विधायकों ने बुधवार दोपहर राजद का दामन थाम लिया इस तरह अब नंबर गेम में 243 विधानसभा सीट वाली बिहार विधानसभा में 80 सीटों के साथ राजद सबसे बड़ी पार्टी बन गई है

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के पाचं में से चार विधायकों ने बुधवार दोपहर राजद का दामन थाम लिया इस तरह अब नंबर गेम में 243 विधानसभा सीट वाली बिहार विधानसभा में 80 सीटों के साथ राजद सबसे बड़ी पार्टी बन गई है, वहीं 77 सीटों के साथ भाजपा दूसरे नंबर पर आ गई है. बता दे कि ‘एआइएमआइएम’ के टिकट पर 2020 विधानसभा चुनाव में ये चारों विधायक, अमौर से अख्तरुल इमान, बायसी से सैयद रुकनुद्दीन अहमद, कोचाधामन से मो. इजहार असफी, जोकीहाट से शाहनवाज आलम और बहादुरगंज से मो. अंजार नईमी ने जीत हासिल की थी.

भाजपा के अधिकांश नेता मानते हैं कि एआईएमआईएम के चार विधायकों के टूट के पीछे मुख्य मंत्री नीतीश कुमार का हाथ है. ये बात जगजाहिर है कि नीतीश कुमार के भाजपा के साथ संबंध उतने मधुर नहीं रहे. बहरहाल इस उलटफेर के बाद यह तो तय हो गया कि अब भाजपा फिर से नम्बर दो के पोजिशन पर चली गई और राजद राज्य में नम्बर एक पर आ गई.

एआइएमआइएम के चारों विधायकों का कहना था कि बंगाल और यूपी का चुनाव के परिणाम को देखते हुए हमने फैसला लिया कि बिहार में जो सेक्यूलर पार्टी है उसकी हाथों को अब मजबूत करेंगे. इसलिए राजद का दामन हमलोगों ने थामा है.इससे राजद और मजबूत होगा और नया बिहार बनेगा. वही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि जैसा कि इन चारों विधायकों ने साफ तौर पर कहा कि देश के हालात को देखते हुए हमलोगों ने यह फैसला लिया है. इन सभी का राजद में स्वागत हैं. हम इनका अभिनंदन करते हैं. तेजस्वी ने कहा ओवैसी के चारों विधायक बिहार के सबसे पिछड़े इलाके से जीतकर आए हैं. हमलोग मिलकर बिहार की तरक्की के लिए काम करेंगे. हमलोग चाहते है कि देश और राज्य में अमन चैन रहे.

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

Israel, Jewish Diversity and the Myth of Sectarian Determinism

Najmuddin A Farooqi In contemporary political discourse, religion and sectarian...

सोमनाथ: इतिहास या सियासी मंच?

धार्मिक स्थल कोई भी हो, या किसी भी मज़हब...

Understanding the Position of Indian Muslims

Citizenship Concerns and Documentation Reality: Understanding the Position of...

चुनावी शोर के बाद संकट का दौर!

ईरान युद्ध और वैश्विक तेल संकट की आशंकाओं के...