क्वाड: ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री अल्बानीज ने भारत के साथ संबंधों की प्रशंसा की, अगली बार ऑस्ट्रेलिया में होगी क्वाड की बैठक

Date:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के निमंत्रण पर दो दिवसीय QUAD शिखर सम्मेलन में भाग लेने जापान पहुंचे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टोक्यो में क्वॉड समिट में शिरकत की. समिट में जापान, ऑस्टेलिया, अमेरिका भी शामिल है.

भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के समूह क्वाड के नेताओं की बैठक में मुक्त, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को और प्रगाढ़ बनाने के उद्देश्य से दीर्घकालिक रणनीतिक आधार तैयार करने तथा यूक्रेन पर रूस के हमले जैसे मुद्दों के केंद्र में रहने की उम्मीद है.टोक्यो में चल रही क्वाड देशों की बैठक समाप्त हो गई है। यह बैठक लगभग दो घंटे तक चली। इस बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध से लेकर चीन की तानाशाही तक के मुद्दे उठाए गए। सभी देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्रों में शांति स्थापित करने के लिए दृढ़ संकल्प लिया।

पीएम मोदी ने कहा कि ‘क्वाड’ के स्तर पर हमारे आपसी सहयोग से मुक्त, खुले और समावेशी ‘इंडो पैसिफिक क्षेत्र’ को प्रोत्साहन मिल रहा है। जो हम सभी का साझा उद्देश्य है। अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन जहां रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर पुतिन पर बरसे तो ऑस्ट्रेलियाई के नए पीएम एंथनी अल्बानीज ने कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने पर बात की। जापान की राजधानी टोक्यो में चल रही क्वाड की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के नए प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों देशों के नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र, व्यापार, ऊर्जा और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा कीं।

क्वाड बैठक के दौरान ऑस्ट्रेलिया के नए प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज को अगले साल क्वाड शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने की पेशकश की गई।अगली बार ऑस्ट्रेलिया में होगी क्वाड की बैठक.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

सोमनाथ: इतिहास या सियासी मंच?

धार्मिक स्थल कोई भी हो, या किसी भी मज़हब...

Understanding the Position of Indian Muslims

Citizenship Concerns and Documentation Reality: Understanding the Position of...

चुनावी शोर के बाद संकट का दौर!

ईरान युद्ध और वैश्विक तेल संकट की आशंकाओं के...

“चुनाव खत्म, अब त्याग शुरू? तेल संकट पर सरकार घिरी”

क्या भारत किसी बड़े तेल संकट की दहलीज़ पर...