Z PLUS सुरक्षा नहीं , इन्साफ चाहिए , मेरा मुहाफ़िज़ अल्लाह है :ओवैसी

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AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी पर क़ातिलाना हमले के आरोपी पर 307 लगी

ओवैसी हमले पर आया नया मोड़ , हमलावर बीजेपी कार्यकर्त्ता

लखनऊ: AIMIM प्रमुख और वरिष्ठ सांसद असदुद्दीन ओवैसी के काफिले पर गुरुवार शाम को जान लेवा हमला किया गया था। ओवैसी ने मीडिया को बताया कि “हमलावरों ने पहले मेरी गाडी पर 3-4 राउंड गोलियां चलाई थीं।उसके बाद मेरे क़ाफ़िले की दूसरी गाडी पर भी गोली चलाई गयी” .इस मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया है। इनकी पहचान सचिन और शुभम के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, सचिन गौतमबुद्ध नगर और शुभम सहारनपुर का रहने वाला है। सचिन के पास से 9 एमएम का अवैध तमंचा भी बरामद किया गया है।

क़ातिलाना हमले पर ओवैसी ने संसद सत्र के दौरान तमाम अराकीने पार्लीमान और देश को कहा की सवाल ओवैसी की जान पर हमले का नहीं है , ओवैसी को Z Plus सिक्योरिटी का भी नहीं है ,मैं आज़ाद रहना चाहता हूँ सवाल देश के वंचित समाज और कमज़ोर तबकों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा का है , सवाल अख़लाक़ और पहलु जैसे मज़लूम लोगों की सुरक्षा का . बैरिस्टर असदुद्दीन ने कहा देश के नौजवानों में बढ़ता मज़हबी कट्टरवाद देश के लिए और आपके लिए यानी जिस पार्टी से इनका सम्बन्ध है उनको खतरा है .

ओवैसी ने कहा में सरकार से यह भी पूछना चाहता हूँ की मेरे ऊपर हमला करने वाले लड़के क्या अब्दुल्लाह क़ुतुब ,अब्दुल्लाह अज़ाम या ऐमन अल ज़ोहरी की किताब पढ़कर Radicalize हुए ? ओवैसी का यह तंज़ उन लोगों पर था जो क़ुरआन के बारे में भद्दी टिपण्णी करते हुए कहते हैं की क़ुरआन आतंकी बनाता है या क़ुरआन हिंसा की बात करता है . या इस्लाम या इस्लामिक Revolutionary किताबें नौजवानो को कट्टर बनाती हैं.

आख़िर क्यो किया गया ओवैसी पर हमला ?

ADG Law & Order (कानून व्यवस्था )प्रशांत कुमार ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि “आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह असदुद्दीन ओवैसी द्वारा वर्ष 2013-14 में राम मंदिर को लेकर दिए गए बयान से आहत थे। यूपी पुलिस के वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सचिन और शुभम धर्म विशेष के खिलाफ असदुद्दीन ओवैसी द्वारा दिए गए बयानों से काफी आहत हुए थे। इसी को लेकर उन्‍होंने इस घटना को अंजाम दिया”।यहाँ यह सवाल पैदा होता है की हर आहात होने वाला क़ानून को अपने हाथ में लेकर चलेगा ?

Registered FIR on sachin under IPC saction 307

 

अगर ऐसा होगा तो यहाँ बयानों से आहात होने वालों की संख्या तो करोड़ों में है , तो क्या वो सब एहि करें जो सचिन जैसे लोग किया करते हैं ?. दरअसल ये बेरोज़गार नौजवानो की एक टीम तैयार की जाती है जिनको ये सब पाठ पढ़ाये जाते हैं और संरक्षण की गारंटी भी दी जाती पैसा दिया जाता है ताकि अपना सियासी लक्ष्य पूरा किया जा सके , और देश के सोहाद्र , मानवता व् एकता और अखंडता के खून पर सत्ता का आसान लगाया जा सके . अब बताएं इस सोचके साथ देश में अमन , शान्ति और विकास आ सकता है ?

Isee Car nmein owaisi sawaar the goliyon ke nishaan dekhe jaa sakte hein

सचिन और उसके साथी शुभम पर Attempt To Murder सेक्शन 307 के तहत FIR हो चुकी है , बस अब इंतज़ार इस बात का है कि इन आरोपियों को जेल में चक्की पीसनी है इनकी भी राजनीती में कोई सीट पहले से पक्की है , और इंतज़ार है किसी ख़ास वक़्त का . क्योंकि इससे पहले कई आरोपियों और अपराधियों को सम्मानित किया जाना आम बात है जिसके सैकड़ों प्रमाण मौजूद हैं . मगर देश की जनता को न्यायिक प्रणाली पर पूरा भरोसा है भले पुलिस फिलहाल सियासी दबाव के चलते इन्साफ न कर पाए .

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