राहुल गांधी अपने ऑफिशियल Twiter हैंडल में कहते हैं , भारतीय नागरिक होने के नाते मेरी प्राथमिकता है , देश और देश की जनता उन्होंने कहा कहते हैं कि बिल्कुल साफ है कि चीन हमारी टेरिटरी में एंट्री कर चुका है .


वह कहते हैं कि यह बात मुझे परेशान करती है और मेरा खून खोलने लगता है कि कैसे एक दुश्मन देश हमारे इलाके में घुस आया अब आप क्या चाहते हो क्या मैं एक राजनीतिक होने के नाते चुप रहूं , खामोश बैठा हूं ?? और अपने देश के लोगों से झूठ बोलूं कि हमारी सरहद मैं कोई नहीं घुसा है , जबकि मैंने उपग्रह की तस्वीरें देखी हैं और पूर्व सैन्य कर्मियों से मैंने बात की है. मुझे बताया गया है की चीन हमारी ज़मीन के एक बड़े हिस्से पर क़ब्ज़ा कर चूका है .


राहुल गांधी आगे कहते हैं कि जब कि मैं सब कुछ जान गया तो क्या आप चाहते हैं कि मैं चुप बैठा रहा हूं और मैं ऐसा करने वाला नहीं , मैं देश की जनता से झूठ नहीं बोल सकता . मैं इस बात की भी चिंता करने वाला नहीं की मेरा भविष्य ख़राब होगा या अंधकारमय होगा .
राहुल गांधी अपने बयान में आगे कहते हैं कि मैं यह सोचता हूं कि वह लोग जो यह कहते हैं कि चीनी फौज हमारे इलाके में नहीं घुसी , वो देश देश के साथ झूठ बोल रहे हैं ,और पड़ोसी दुश्मन देशों का बचाव कर रहे हैं , यह राष्ट्रभक्ति कैसे होसकती है , यह तो देश द्रोह है .
राहुल आगे कहते हैं कि मेरे ख्याल से वही लोग राष्ट्रद्रोही हैं जो यह कहते हैं चीन हमारी ज़मीन पर क़ब्ज़ा नहीं किया और झूठ बोलते हैं कि चीनी हमारे शहरों में चीनी हमारे इलाकों में नहीं घुसे , ऐसा कहने वाले देशभक्त नहीं हो सकते , राहुल गांधी कहते हैं कि मुझे इस बात की चिंता नहीं है कि अगर मुझे सच बोलने में राजनीतिक कीमत भी चुकानी पड़ी तो मैं उसके लिए तैयार ,,, वो आगे कहते हैं कि मैं इस बारे में बिल्कुल झूठ नहीं बोलूंगा सच बोलूंगा चाहे मुझे इसके लिए अपना राजनीतिक कैरियर चौपट करना पड़े खत्म करना पड़े मुझे इसकी चिंता नहीं है .
मैं सच बोलूंगा और देश को बताऊंगा किस देश के साथ धोखा हो रहा है और हमारी सरहदों में चाइनीस फोर्स जो है वह लगातार घुसपैठ कर रही हैं और हमारे देश की ज़मीन पर अतिक्रमण कराया जा रहा है .. यह पूरा बयान राहुल गांधी ने अपने ऑफिशल टि्वटर हैंडल पर 27 जुलाई को अपलोड किया है आप भी उसको देख सकते
Times Of Pedia Times of Pedia TOP News | Breaking news | Hot News | | Latest News | Current Affairs
